PRAYAGRAJ NEWS: कुलभास्कर आश्रम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षक संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक वेतन भुगतान में हो रहे अत्यधिक विलंब के संदर्भ में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित समस्त शिक्षकों ने वेतन न मिलने की स्थिति पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। बैठक की अध्यक्षता शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो० धर्मेंद्र कुमार सिंह ने की तथा संचालन महामंत्री प्रो० प्रमोद यादव ने किया। बैठक में समस्त शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि नवनियुक्त क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ० सुनीता जायसवाल के कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहले चार जनपदों प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, फतेहपुर का वेतन अनावश्यक रोका गया, फिर कोषागार में लॉगिन एवं पासवर्ड संबंधी कारणों से भुगतान अटकाए रखा गया, उसके बाद मुख्य कोषाधिकारी के अवकाश पर रहने से प्रक्रिया प्रभावित हुई, और अब उच्च शिक्षा अधिकारी, प्रयागराज, प्रयागराज जनपद का वेतन भुगतान कराये बिना अवकाश पर चली गयी है। उच्च शिक्षा निदेशक भी 19 मई से लखनऊ में हैं स इन प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और लापरवाहियों का सीधा दुष्प्रभाव प्रयागराज के अनुदानित महाविद्यालयों के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जो लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण अत्यंत परेशान और आक्रोशित हैं। शिक्षकों ने कहा कि बैंक की ईएमआई, बच्चों की फीस, घरेलू खर्च, चिकित्सा तथा अन्य पारिवारिक दायित्व नियमित वेतन पर ही निर्भर हैं। ऐसे में वेतन भुगतान में निरंतर हो रही देरी ने शिक्षक एवं कर्मचारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट उत्पन्न कर दिया है। इस अवसर पर प्रो० राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो० पवन कुमार पचैरी एवं महामंत्री प्रो० बिपिन कुमार ने कहा कि यह घोर प्रशासनिक लापरवाही है हम प्रो० राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या )पूरे विश्वविद्यालय के चारो जनपदों के शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य हो गए हैं। शिक्षक संघ ने संबंधित अधिकारियों से मांग की कि इस प्रकरण को तत्काल संज्ञान में लेकर लंबित वेतन का अविलंब भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि अब हम सभी शिक्षक एवं कर्मचारी लोकतांत्रिक एवं वैधानिक आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य हैं। बैठक में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रयागराज पर धरना देने का निर्णय लिया गया स इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.







