योग है रोग मुक्त जीवन का मूल मंत्र आप सभी करें योग- प्राची तिवारी
SONBADHR NEWS: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर करें योग रहें निरोग स्थान – शिवा जी मिनी स्टेडियम, राबर्ट्सगंज-सोनभद्र योग है रोग मुक्त जीवन का मूल मंत्र आप सभी करें योग ताकि स्वस्थ्य रहे तन-मन योग शिक्षक प्राची तिवारी ने योग कर लोगों को जागरूक किया। मुकेश कुमार अधिशासी अधिकारी आदर्श नगर पालिका परिषद सोनभद्र, सभासदगण का परिषद सोनभद्र, रूबी प्रसाद अध्यक्ष आदर्श नगर पालिका परिषद सोनभद्र के आह्वान से जुड़ते हुए आज शिवाजी स्टेडियम में नगर के प्रबुद्धजनों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ योगाभ्यास करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं युवा साथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। लगभग एक घंटे के योगाभ्यास ने तन और मन को नई ऊर्जा, स्फूर्ति एवं सकारात्मकता से भर दिया। रूबी प्रसाद ने कहा कि वास्तव में योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सफल जीवन जीने की एक उत्कृष्ट जीवनशैली है। मैं आप सभी से आग्रह करती हूँ कि योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। नियमित योगाभ्यास आपके जीवन में अद्भुत परिवर्तन ला सकता है तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नई दिशा प्रदान कर सकता है। आज के इस सफल आयोजन में अपनी सहभागिता एवं सहयोग प्रदान करने वाले सभी सम्मानित नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं योग प्रेमियों का हृदय से धन्यवाद। योगाभ्यास के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद रही। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन दर्शन का अमूल्य उपहार है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का कार्य करता है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत प्रयासों के परिणाम स्वरूप योग को वैश्विक पहचान मिली और आज यह भारत की सांस्कृतिक विरासत के रूप में विश्व के कोने-कोने तक पहुंच चुका है। योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का आधार है, बल्कि एक सशक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
अनीता गुप्ता ने कहा कि आइए, हम सभी नियमित योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ भारत और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दें। “योग से निरोग, योग से समृद्ध और योग से विकसित भारत का संकल्प” है।
प्राची तिवारी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा रहा है। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक ऐसी विधा है जो शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का कार्य करती है। योग दिवस मनाने का सबसे बड़ा मकसद इसके लाभों को पूरी दुनिया में फैलाना है। योग के फायदों को देखकर पूरे विश्व ने इसे दिल से स्वीकार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य योग के शारीरिक और मानसिक फायदों के प्रति दुनिया भर में जागरूकता फैलाना है।इसकी शुरुआत भारत की प्राचीन परंपरा से हुई, जिसका प्रस्ताव भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में रखा था। संयुक्त राष्ट्र ने 11 दिसंबर 2014 को प्रस्ताव पारित कर 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। 21 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे बड़ा दिन होता है (ग्रीष्म संक्रांति), जो लंबी उम्र और स्वास्थ्य का प्रतीक है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग से जोड़ना और उनके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। नियमित योग करने से तनाव कम होता है, पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है और शरीर में लचीलापन बढ़ता है। योग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन और एकता स्थापित करने का सबसे अच्छा माध्यम है। इस विशेष दिन पर स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर योग शिविर आयोजित किए जाते हैं। योग दिवस हमें याद दिलाता है कि एक स्वस्थ जीवन शैली के लिए हमें योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए। इस मौके विनय श्रीवास्तव, ब्रजेश पाठक, कृष्ण मुरारी गुप्ता, विमलेश त्रिपाठी, ब्रजेश पाठक, धीरेन्द्र पाण्डेय, प्रदीप भारतीय, कीर्ति पाण्डेय, ब्रज भूषण तिवारी, ब्रजेश सिंह, शशांक त्रिपाठी आदि सेंकड़ों लोग उपस्थित थे।







