अंधविश्वास, पाखण्ड और कुरीतियों पर प्रहार करती दिखी लघु नाट्य प्रस्तुतियां
PRAYAGRAJ NEWS: बहुजन समाज की गैरराजनैतिक जड़ों को सशक्त एवं प्रशस्त करने के साथ साथ हाशिए पर रहने वाले हक वंचित समाज के हक अधिकार एवं मान सम्मान स्वाभिमान के लिए सतत कार्य करने वाले समाजसेवी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज के कुशल निर्देशन में यमुनापार की तहसील व थाना करछना स्थित ग्रामसभा वीरपुर में सात से सत्रह आयु वर्ग के बच्चों के सृजनात्मक कलात्मक और व्यक्तित्व विकास हेतु विगत 21 मई से 10 जून तक ग्रीष्मकालीन प्रस्तुतिपरक प्रबुद्ध बाल रंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रस्तुतिपरक ग्रीष्मकालीन प्रबुद्ध बाल रंग कार्यशाला का समापन जारी बाजार स्थित चंद्रमुखी गेस्ट हाउस के मंच पर दर्जनों नृत्य नाटिकाओं, गायन और लघु नाट्य प्रस्तुतियो के साथ की गई।
व्यवस्था परिवर्तन के लिए सांस्कृतिक आंदोलन जरूरी
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रबुद्ध फाउंडेशन, देवपती मेमोरियल ट्रस्ट, डा. अम्बेडकर वेलफेयर एसोसिएशन (दावा) और बाबासाहेब शादी डाट काम के संयुक्त तत्वावधान में सात से सत्रह आयु वर्ग के बच्चों के सृजनात्मक कलात्मक और व्यक्तित्व विकास के लिए संचालित एक बाईस दिवसीय प्रस्तुतिपरक ग्रीष्मकालीन प्रबुद्ध बाल रंग कार्यशाला के समापन पर बुद्ध वंदना, त्रिशरण, पंचशील और गायन में हे बोधिसत्व बाबा प्रणाम हो हमारा, बेटियों को बचा लो, नृत्य नाटिकाओं में स्वागत गीत, तेरी आरती उतारू रे, बुद्धम शरणम गच्छामि, भीमराव के बच्चे है, आदिवासी जंगल रखवाला रे, माता सावित्री बाई फुले की अमर कहानी और भीम आयेंगे तो अंगना सजाऊंगी की प्रस्तुतियों के साथ नाटक बगदाद में आए चोर, नशा मुक्ति और नाटक बेटी की सफल प्रस्तुतिया की गई। रंगकर्मी रंगनिर्देशक समाजसेवी आईपी रामबृज की आत्मकथा पर आधारित लिखित निर्देशित लघु नाटक बेटी में बेटा बेटी को एक बराबर समझने का संदेश के साथ इनर कष्ट मैरिज का संदेश देती है। लघु नाटक पाखण्ड पूरे बहुजन समाज को अंध विश्वास, पाखण्ड और कुरीतियों से मुक्ति का संदेश देती हुई दिखी। लघु नाटक नशामुक्ति में एक परिवार पति द्वारा शराब के पीने की लत से किस तरह बर्बाद होता है उसे बचाने का संदेश देने की बात की। लघु नाटक बगदाद में आए चोर की अलीबाबा जो गरीब था लेकिन जंगल स्थित गुफा की जानकारी होती है। सिम सिम दरवाजा खुल जा का राज जानने पर अलीबाबा एक दिन में अमीर हो गया और अलीबाबा का भाई कासिम से ये सब देखा नहीं गया और लालच में आकर गुफा का राज अलीबाबा से जान लेता है गुफा में फंस जाने शरीर के दो टुकड़े को एक करवाने और मोची द्वारा राज खुलने और डाकुओं का सरदार तेल का व्यापारी बनकर अलीबाबा की हत्या की साजिश रचता है किन्तु मरजीना की समझ से अलीबाबा की जान बचा ली उल्टे डाकुओं का सरदार को मरजीना ने मार गिराया की सफल प्रस्तुतिया जारी बाजार स्थित चंद्रमुखी गेस्ट हाउस में की गई। प्रतिभागी बच्चों में राजू राव- पण्डित, रमेश, विनोद कुमार- दिनेश, शराबी, मगही, करन कुमार रोहित, शराबी, छोटुआ, आंचल – ज्योति, गुंजा सरला, करिश्मा-बेटी, वंदना- गंगा, काजल – मरजीना, पड़ोसन, रुचि नर्स, डाक्टर का सफल अभिनय किया और करीना, श्रेया,, दुर्गा कुमारी, आंचल, काजल, शिवांगी, स्वाती, दीपांजलि, गुंजा , गरिमा अक्षत कुमार, रत्नेश, संजीत, सुजीत कुमार, अमरेन्द्र, मंजीत, अंबुज, अनिल कुमार, राजा और मंच निर्माण अभिषेक ने किया कार्यशाला में दो दर्जन से अधिक बच्चे ने प्रतिभाग कर अपने किरदार के साथ न्याय किया।







