युवाओं ने लोकसभा की तर्ज पर किया संसदीय कार्यवाही का जीवंत प्रदर्शन
प्रयागराज। चैधरी महादेव प्रसाद महाविद्यालय में मिनिस्ट्री ऑफ पार्लियामेंट्री अफेयर्स, भारत सरकार के तत्वावधान में 1 अक्टूबर 2026 को 18वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संसदीय कार्यप्रणाली की व्यावहारिक समझ विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के गायन से हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष, महाविद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर, प्रयागराज चैधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल ने पक्ष एवं विपक्ष की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए अपने संसदीय अनुभव साझा किए। उन्होंने संसद में जनता के प्रति जवाबदेही को प्रभावी ढंग से रखने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने लोकसभा की तर्ज पर सदन की कार्यवाही का जीवंत मंचन किया। इसमें शपथ ग्रहण, श्रद्धांजलि एवं ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सहित विभिन्न संसदीय प्रक्रियाओं को प्रस्तुत किया गया। प्रश्नकाल के दौरान युवा सांसदों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए देश-दुनिया से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल-जवाब किए।
युवा सांसदों ने जातिगत जनगणना, अल्पसंख्यकों में शिक्षा से बढ़ता ड्रॉपआउट, डिजिटल सुरक्षा तथा तकनीकी विकास जैसे विषयों पर तथ्यात्मक सवाल उठाए। विपक्षी सांसदों ने सरकार की नीतियों पर प्रश्न किए, जबकि सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने जवाब देते हुए सदन की कार्यवाही में अपनी भूमिका निभाई। सदन की अध्यक्षता कर रहे स्पीकर ने अनुशासन बनाए रखने तथा सभी प्रतिभागियों को समान अवसर प्रदान करने में नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि प्रो. पंकज कुमार ने संसद की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए इसे लोकतंत्र की आत्मा बताया। ग्रुप कोऑर्डिनेटर युवा संसद प्रो. के. वेंकटेसन ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं प्रक्रिया की जानकारी दी और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जिम्मेदार नागरिक एवं कुशल नेतृत्वकर्ता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंच संचालन डॉ. अनु श्री ने किया, जबकि कार्यक्रम संयोजिका रितु रघुवंशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के संवाद कौशल, आत्मविश्वास एवं संसदीय नियमों के पालन की सराहना की। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर प्रो. अर्चना खरे, प्रो. सरोज सिंह, प्रो. आभा त्रिपाठी, प्रो. एस.पी. सिंह, प्रो. शिव शंकर सिंह, आयोजक मंडल के सदस्य डॉ. अरुण वर्मा, डॉ. रमेश भारती, डॉ. नीरज कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के गायन से हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष, महाविद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर, प्रयागराज चैधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल ने पक्ष एवं विपक्ष की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए अपने संसदीय अनुभव साझा किए। उन्होंने संसद में जनता के प्रति जवाबदेही को प्रभावी ढंग से रखने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने लोकसभा की तर्ज पर सदन की कार्यवाही का जीवंत मंचन किया। इसमें शपथ ग्रहण, श्रद्धांजलि एवं ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सहित विभिन्न संसदीय प्रक्रियाओं को प्रस्तुत किया गया। प्रश्नकाल के दौरान युवा सांसदों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए देश-दुनिया से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल-जवाब किए।
युवा सांसदों ने जातिगत जनगणना, अल्पसंख्यकों में शिक्षा से बढ़ता ड्रॉपआउट, डिजिटल सुरक्षा तथा तकनीकी विकास जैसे विषयों पर तथ्यात्मक सवाल उठाए। विपक्षी सांसदों ने सरकार की नीतियों पर प्रश्न किए, जबकि सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने जवाब देते हुए सदन की कार्यवाही में अपनी भूमिका निभाई। सदन की अध्यक्षता कर रहे स्पीकर ने अनुशासन बनाए रखने तथा सभी प्रतिभागियों को समान अवसर प्रदान करने में नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि प्रो. पंकज कुमार ने संसद की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए इसे लोकतंत्र की आत्मा बताया। ग्रुप कोऑर्डिनेटर युवा संसद प्रो. के. वेंकटेसन ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं प्रक्रिया की जानकारी दी और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जिम्मेदार नागरिक एवं कुशल नेतृत्वकर्ता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंच संचालन डॉ. अनु श्री ने किया, जबकि कार्यक्रम संयोजिका रितु रघुवंशी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के संवाद कौशल, आत्मविश्वास एवं संसदीय नियमों के पालन की सराहना की। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर प्रो. अर्चना खरे, प्रो. सरोज सिंह, प्रो. आभा त्रिपाठी, प्रो. एस.पी. सिंह, प्रो. शिव शंकर सिंह, आयोजक मंडल के सदस्य डॉ. अरुण वर्मा, डॉ. रमेश भारती, डॉ. नीरज कुमार सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।