यूपी बोर्ड ने 7526 बनाए परीक्षा केन्द्र, आपत्तियां मांगी 862 राजकीय, 3276 एडेड, 3388 वित्तविहीन स्कूल परीक्षा केन्द्र है प्रस्तावित 27 नवंबर तक फाइनल परीक्षा केन्द्रों की सूची होगी जारी रू सचिव भगवती सिंह
प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष - 2027 के लिए ऑनलाइन माध्यम से 7526 केंद्र बनाए हैं। इनमें 862 राजकीय, 3276 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 3388 वित्तविहीन स्कूल शामिल हैं। पिछले साल की तुलना में बोर्ड से निर्धारित परीक्षा केंद्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। 2026 की परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन माध्यम से 7448 केंद्र बनाए थे। हालांकि आपत्तियों के निस्तारण के बाद जनपदीय समिति से अनुमोदित सूची में केंद्रों की संख्या पिछले सालों की तरह बढ़ना तय माना जा है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने आज बताया कि तहसील स्तरीय समिति से प्रमाणित विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं के आधार पर चयनित परीक्षा केन्द्रों (छात्र आवंटन सहित) की सूची सार्वजनिक करते हुए डीएम की अध्यक्षता में गठित जनपदीय केन्द्र निर्धारण समिति के परीक्षण तथा अनुमोदन के लिए वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सचिव ने साफ किया है कि यदि ऑनलाइन माध्यम से चयनित परीक्षा केन्द्रों के संबंध में कोई आपत्ति ध् शिकायत हो तो विद्यालय के छात्र, अभिभावक, प्रधानाचार्य या प्रबंधक समुचित साक्ष्य सहित जनपदीय केन्द्र निर्धारण समिति के समक्ष निर्धारित प्रारूप पर अपना ऑनलाइन प्रत्यावेदन यूपी बोर्ड के पोर्टल पर 28 अक्तूबर तक प्रस्तुत कर सकते हैं। इस तिथि के बाद कोई भी प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं होगा।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर उनका समयसीमा में निस्तारण करते हुए जनपदीय केन्द्र निर्धारण समिति से अनुमोदित सूची यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर छह नवंबर तक ऑनलाइन अग्रसारित करेंगे। यह सूची 16 नवंबर तक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी और यदि इस सूची पर भी कोई आपत्ति है तो 21 नवंबर तक स्वीकार की जाएगी। बोर्ड की केन्द्र निर्धारण समिति इन आपत्तियों का निस्तारण करते हुए 27 नवंबर तक अंतिम सूची अपलोड की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर आपत्तियां देने के लिए यूपी बोर्ड ने प्रारूप भी जारी किया है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि हाईस्कूल-इंटर की परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन माध्यम से 7526 केंद्र बनाए हैं। इस 10वीं-12वीं में 5211570 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं जबकि पिछले साल 53,37,432 परीक्षार्थियों के लिए 7448 केंद्र बनाए गए थे। साफ है कि परीक्षार्थियों की संख्या सवा लाख से अधिक घटने के बावजूद 78 केंद्र बढ़ गए हैं। यही नहीं इस साल राजकीय और एडेड स्कूलों के केंद्र कम हुए हैं और वित्तविहीन स्कूलों की संख्या बढ़ी है। पिछले साल 910 राजकीय, 3484 एडेड और 3054 वित्तविहीन स्कूल ऑनलाइन केंद्र बने थे जबकि इस साल 862 राजकीय, 3276 एडेड और 3388 वित्तविहीन स्कूल केंद्र बने हैं। साफ है कि पिछले साल की तुलना में 334 अधिक वित्तविहीन स्कूल इस बार ऑनलाइन केंद्र बनाए गए हैं।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने आज बताया कि तहसील स्तरीय समिति से प्रमाणित विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं के आधार पर चयनित परीक्षा केन्द्रों (छात्र आवंटन सहित) की सूची सार्वजनिक करते हुए डीएम की अध्यक्षता में गठित जनपदीय केन्द्र निर्धारण समिति के परीक्षण तथा अनुमोदन के लिए वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सचिव ने साफ किया है कि यदि ऑनलाइन माध्यम से चयनित परीक्षा केन्द्रों के संबंध में कोई आपत्ति ध् शिकायत हो तो विद्यालय के छात्र, अभिभावक, प्रधानाचार्य या प्रबंधक समुचित साक्ष्य सहित जनपदीय केन्द्र निर्धारण समिति के समक्ष निर्धारित प्रारूप पर अपना ऑनलाइन प्रत्यावेदन यूपी बोर्ड के पोर्टल पर 28 अक्तूबर तक प्रस्तुत कर सकते हैं। इस तिथि के बाद कोई भी प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं होगा।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर उनका समयसीमा में निस्तारण करते हुए जनपदीय केन्द्र निर्धारण समिति से अनुमोदित सूची यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर छह नवंबर तक ऑनलाइन अग्रसारित करेंगे। यह सूची 16 नवंबर तक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी और यदि इस सूची पर भी कोई आपत्ति है तो 21 नवंबर तक स्वीकार की जाएगी। बोर्ड की केन्द्र निर्धारण समिति इन आपत्तियों का निस्तारण करते हुए 27 नवंबर तक अंतिम सूची अपलोड की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर आपत्तियां देने के लिए यूपी बोर्ड ने प्रारूप भी जारी किया है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि हाईस्कूल-इंटर की परीक्षा के लिए यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन माध्यम से 7526 केंद्र बनाए हैं। इस 10वीं-12वीं में 5211570 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं जबकि पिछले साल 53,37,432 परीक्षार्थियों के लिए 7448 केंद्र बनाए गए थे। साफ है कि परीक्षार्थियों की संख्या सवा लाख से अधिक घटने के बावजूद 78 केंद्र बढ़ गए हैं। यही नहीं इस साल राजकीय और एडेड स्कूलों के केंद्र कम हुए हैं और वित्तविहीन स्कूलों की संख्या बढ़ी है। पिछले साल 910 राजकीय, 3484 एडेड और 3054 वित्तविहीन स्कूल ऑनलाइन केंद्र बने थे जबकि इस साल 862 राजकीय, 3276 एडेड और 3388 वित्तविहीन स्कूल केंद्र बने हैं। साफ है कि पिछले साल की तुलना में 334 अधिक वित्तविहीन स्कूल इस बार ऑनलाइन केंद्र बनाए गए हैं।