प्रभु वाल्मीकि जी थे भगवान के गुरुरूपवन श्रीवास्तव आदि कवि भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया
प्रयागराज। सोमवार को प्रातः 7 बजे ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में समाज द्वारा पूजन एवं आरती के साथ आदि कवि भगवान महर्षि वाल्मीकि जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भक्तों ने नई प्रतिमा का दर्शन-पूजन किया। 2 दिन पूर्व नई प्रतिमा की स्थापना राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन राम सिंह कंडारे द्वारा की गई थी। कार्यक्रम द ऑल इंडिया श्री वाल्मीकि यंग मैन एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित हुआ। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व मंत्री पवन श्रीवास्तव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण, फल-मिष्ठान अर्पित कर पूजन-अर्चन किया। अपने उद्बोधन में पवन श्रीवास्तव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि उच्च कोटि के विद्वान एवं भविष्यवक्ता थे, जिन्होंने प्रभु श्रीराम के जन्म से पूर्व ही रामायण की रचना कर उनके जीवन का वर्णन किया। उन्हें प्रभु का गुरु मानने में कोई अतिशयोक्ति नहीं है। सायंकाल प्रभु महर्षि वाल्मीकि एवं लव-कुश की शोभायात्रा निकाली गई और बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री जगदीश प्रसाद, अध्यक्ष संदीप चैहान, किशन आनंद, पूरन, सुशील कुमार, सविता चैहान, बरखा प्रकाश, पार्षद नीरज गुप्ता, विनोद सोनकर, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रवीण भारती, पार्षद अमित सिंह, बबलू रघुवंशी, आनंद सोनकर सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। जबलपुर से आए प्रदीप चैहान ने विद्यालय को एक कंप्यूटर दान किया और छात्राओं अनाया कुशवाहा, रिद्धि को पुरस्कृत किया।