उत्तर मध्य रेलवे में ‘सेवा’ पोर्टल शुरू, अब ऑनलाइन होंगे कर्मचारी कल्याण के आवेदन चश्मा प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति के दावे होंगे डिजिटलय कागजी फाइलों का चक्कर खत्म, आवेदन की स्थिति भी कर सकेंगे ट्रैक
प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने कर्मचारी कल्याण योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। भारत सरकार के लंबित मामलों के निपटान के विशेष अभियान के तहत महाप्रबंधक श्री नरेश पाल सिंह ने कर्मचारी कल्याण कोष के लिए विकसित वेब-आधारित ‘सेवा’ (कर्मचारी कल्याण आवेदन स्वीकृति पोर्टल) का शुभारंभ किया। इससे कर्मचारियों के कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन और उनकी स्वीकृति की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी तथा कागजी फाइलों की आवाजाही से राहत मिलेगी।
तीन प्रमुख योजनाएं शुरुआती चरण में शामिल
‘सेवा’ पोर्टल के शुरुआती चरण में कर्मचारी कल्याण कोष की तीन प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें चश्मा प्रतिपूर्ति, कर्मचारियों के बच्चों के लिए तकनीकी शिक्षा छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति शामिल हैं। कर्मचारी अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉग-इन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। साथ ही, आवेदन की स्थिति को विभिन्न स्तरों पर ट्रैक भी कर सकेंगे।
पात्रता की जांच से लेकर स्वीकृति तक ऑनलाइन प्रक्रिया
पोर्टल पर आवेदन जमा करने से पहले संबंधित नियमों के अनुसार पात्रता की जांच स्वतः होगी। इससे आवेदन में त्रुटियों और मामलों के लंबित रहने की संभावना कम होगी। प्रत्येक स्तर पर डिजिटल हस्ताक्षर टोकन या ओटीपी के माध्यम से स्वीकृति दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोर्टल बैंक भुगतान संबंधी विवरण और लंबित मामलों की रिपोर्ट भी स्वतः तैयार करेगा। यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।
कागजी फाइलों से मुक्ति, पारदर्शिता पर जोर
विशेष अभियान का उद्देश्य कार्यालयों में लंबित मामलों का निस्तारण करने के साथ कागजी कार्यवाही कम करना और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। रेलवे का मानना है कि ‘सेवा’ पोर्टल से कर्मचारियों को आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी। साथ ही, कार्यालयों में फाइलों की आवाजाही कम होने से कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने पोर्टल विकसित करने वाली आईटी सेल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और कार्य सुगमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने डिजिटल माध्यम से कार्मिक संबंधी सेवाओं में सुधार को रेलवे की प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया। पोर्टल को शीघ्र ही संपूर्ण रेलवे नेटवर्क के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराने की योजना है।
आईटी सेल ने किया पोर्टल का विकास
‘सेवा’ पोर्टल का डिजाइन और विकास उत्तर मध्य रेलवे के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ (आईटी सेल) ने मुख्य प्रबंधक सूचना प्रौद्योगिकी तरुण कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में किया। इसके निर्माण में आशीष कुमार, अमित कुमार और अनिल कुमार पटेल का विशेष योगदान रहा। उद्घाटन के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
तीन प्रमुख योजनाएं शुरुआती चरण में शामिल
‘सेवा’ पोर्टल के शुरुआती चरण में कर्मचारी कल्याण कोष की तीन प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें चश्मा प्रतिपूर्ति, कर्मचारियों के बच्चों के लिए तकनीकी शिक्षा छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति शामिल हैं। कर्मचारी अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉग-इन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे। साथ ही, आवेदन की स्थिति को विभिन्न स्तरों पर ट्रैक भी कर सकेंगे।
पात्रता की जांच से लेकर स्वीकृति तक ऑनलाइन प्रक्रिया
पोर्टल पर आवेदन जमा करने से पहले संबंधित नियमों के अनुसार पात्रता की जांच स्वतः होगी। इससे आवेदन में त्रुटियों और मामलों के लंबित रहने की संभावना कम होगी। प्रत्येक स्तर पर डिजिटल हस्ताक्षर टोकन या ओटीपी के माध्यम से स्वीकृति दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पोर्टल बैंक भुगतान संबंधी विवरण और लंबित मामलों की रिपोर्ट भी स्वतः तैयार करेगा। यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।
कागजी फाइलों से मुक्ति, पारदर्शिता पर जोर
विशेष अभियान का उद्देश्य कार्यालयों में लंबित मामलों का निस्तारण करने के साथ कागजी कार्यवाही कम करना और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। रेलवे का मानना है कि ‘सेवा’ पोर्टल से कर्मचारियों को आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी। साथ ही, कार्यालयों में फाइलों की आवाजाही कम होने से कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने पोर्टल विकसित करने वाली आईटी सेल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण और कार्य सुगमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने डिजिटल माध्यम से कार्मिक संबंधी सेवाओं में सुधार को रेलवे की प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया। पोर्टल को शीघ्र ही संपूर्ण रेलवे नेटवर्क के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराने की योजना है।
आईटी सेल ने किया पोर्टल का विकास
‘सेवा’ पोर्टल का डिजाइन और विकास उत्तर मध्य रेलवे के सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ (आईटी सेल) ने मुख्य प्रबंधक सूचना प्रौद्योगिकी तरुण कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में किया। इसके निर्माण में आशीष कुमार, अमित कुमार और अनिल कुमार पटेल का विशेष योगदान रहा। उद्घाटन के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।