शिक्षा प्रेरकों के बकाया मानदेय भुगतान की मांग, 14 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के संभावित झांसी दौरे पर प्रदर्शन कर ज्ञापन देने की चेतावनी
झांसी। शिक्षा प्रेरकों ने लंबे समय से लंबित बकाया मानदेय का भुगतान कराए जाने की मांग को लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। इस संबंध में जिलाधिकारी झांसी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर भुगतान की समस्या से अवगत कराने की बात कही गई है।
शिक्षा प्रेरकों का कहना है कि भारत सरकार की ओर से बकाया अंशदान राज्य सरकार को प्राप्त हो चुका है। साथ ही, उनके अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट द्वारा 398.18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके बावजूद साक्षरता निदेशालय एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्तर पर कथित शिथिलता के कारण प्रदेश के अन्य जनपदों की तरह झांसी के शिक्षा प्रेरकों का मानदेय भी अब तक भुगतान नहीं हो सका है।
प्रेरकों ने बताया कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनके परिवारों के भरण-पोषण पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।
शिक्षा प्रेरकों ने चेतावनी दी है कि यदि 14 अक्टूबर 2026 तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, तो 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित झांसी दौरे के दौरान प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह यादव कृष्ण बिहारी पांचाल उमाशंकर राजपूत अनिल यादव कोमल रैकवार ब्रह्म किशोर राजपूत किरण गुप्ता अवनीश कुमार, प्रतिपाल सिंह, उमाशंकर यादव, शैफाली यादव, शिशुपाल, रामप्रकाश गौतम कृष्ण पाल सिंह कैलाश रजक प्रतिपाल सिंह निर्मल सिंह प्रीति ओमप्रकाश सहित अन्य शिक्षा प्रेरक उपस्थित रहे।