शंकरगढ़ ओवरब्रिज के निर्माण में तेजी, 54 मीटर लंबे गर्डर की लॉन्चिंग पूरी दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य, रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से मिलेगी राहत
शंकरगढ़ (प्रयागराज)। शंकरगढ़-नारीबारी मार्ग पर रेलवे फाटक के कारण लगने वाले जाम से परेशान लोगों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ गई है। नैनी-मानिकपुर रेलखंड में शंकरगढ़ यार्ड के पास बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण में तेजी आई है। पुल के लिए 54 मीटर लंबे बो-स्ट्रिंग गर्डर की असेंबलिंग और लॉन्चिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। रेलवे ने दिसंबर 2026 के अंत तक ओवरब्रिज चालू करने का लक्ष्य रखा है।
’’62.67 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल’’
वर्ष 2022-23 में स्वीकृत इस परियोजना की कुल लागत 62.67 करोड़ रुपये है, जिसमें रेलवे की हिस्सेदारी 23.60 करोड़ रुपये है। रेलवे के हिस्से का निर्माण गति शक्ति प्रयागराज यूनिट कर रही है, जबकि एप्रोच रोड का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में परियोजना का काम आगे बढ़ रहा है।
’’जाम से मिलेगी राहत, लोगों में खुशी’’
रेलवे फाटक बंद होने पर शंकरगढ़-नारीबारी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। ओवरब्रिज चालू होने के बाद वाहनों को ट्रेन गुजरने के इंतजार में रेलवे फाटक पर रुकना नहीं पड़ेगा। इससे शंकरगढ़, नारीबारी और शिवराजपुर के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य की प्रगति से क्षेत्रीय लोगों में खुशी है। अब सभी की निगाहें पुल के शेष निर्माण कार्य और इसके चालू होने पर टिकी हैं। हालांकि, दिसंबर 2026 निर्धारित लक्ष्य हैय ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होने की अंतिम तारीख की अलग से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दो कॉलम के लिए और संक्षिप्त करेंशीर्षक को अधिक प्रभावी बनाएंखबर में तथ्यात्मक सावधानी रखें
’’62.67 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल’’
वर्ष 2022-23 में स्वीकृत इस परियोजना की कुल लागत 62.67 करोड़ रुपये है, जिसमें रेलवे की हिस्सेदारी 23.60 करोड़ रुपये है। रेलवे के हिस्से का निर्माण गति शक्ति प्रयागराज यूनिट कर रही है, जबकि एप्रोच रोड का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में परियोजना का काम आगे बढ़ रहा है।
’’जाम से मिलेगी राहत, लोगों में खुशी’’
रेलवे फाटक बंद होने पर शंकरगढ़-नारीबारी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। ओवरब्रिज चालू होने के बाद वाहनों को ट्रेन गुजरने के इंतजार में रेलवे फाटक पर रुकना नहीं पड़ेगा। इससे शंकरगढ़, नारीबारी और शिवराजपुर के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य की प्रगति से क्षेत्रीय लोगों में खुशी है। अब सभी की निगाहें पुल के शेष निर्माण कार्य और इसके चालू होने पर टिकी हैं। हालांकि, दिसंबर 2026 निर्धारित लक्ष्य हैय ओवरब्रिज पर आवागमन शुरू होने की अंतिम तारीख की अलग से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दो कॉलम के लिए और संक्षिप्त करेंशीर्षक को अधिक प्रभावी बनाएंखबर में तथ्यात्मक सावधानी रखें