स्थापना दिवस समारोह में सामाजिक सद्भाव और संस्कारों को बढ़ावा देने का आह्वान
प्रयागराज। अखिल भारतीय श्रीकृष्ण चेतना संस्थान का स्थापना दिवस समारोह संस्थान के सभागार में इंजी. जंग बहादुर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत केंद्रीय विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के साहित्य विभागाध्यक्ष प्रो. शुकदेव भोई ने संस्थान के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता है। समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए बुद्धिजीवियों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं संस्थान के पूर्व अध्यक्ष प्रो. उमाकान्त यादव ने कहा कि समाज में अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से वर्ष 1986 में अखिल भारतीय श्रीकृष्ण चेतना संस्थान की स्थापना की गई थी। उन्होंने सदस्यों से श्रीकृष्ण के आदर्शों का अनुसरण करते हुए निरंतर आत्म-विकास की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। राजकीय उच्च शिक्षा सेवा के सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं उच्च शिक्षा निदेशालय के पूर्व सहायक निदेशक प्रो. सत्येंद्र कुमार सिंह ने ईमानदारी, निष्ठा और भाईचारे की भावना को मजबूत करने पर बल दिया। सेवानिवृत्त अपर आयुक्त आबकारी केशव सिंह यादव ने सामाजिक कुरीतियों के निराकरण के लिए युवाओं को आगे आने का आह्वान किया। ओएसडी, न्यायिक प्रशासन, उत्तर प्रदेश नवनीत यादव ने सामाजिक कार्यों में बुद्धिजीवियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। समारोह को सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं पूर्व महामंत्री प्रो. रामबली यादव, पूर्व महामंत्री इंजी. छबिनाथ सिंह, पूर्व महामंत्री डॉ. लालजी यादव, सेवानिवृत्त उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा आर.सी. यादव, संस्थान के पूर्व अध्यक्ष इंजी. आर.एन. यादव एवं इंजी. आर.के. सिंह तथा पूर्व सूचना अधिकारी जे.एन. यादव ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम का संचालन संस्थान के संगठन मंत्री एवं ओरिएंटल इंश्योरेंस के सेवानिवृत्त प्रबंधक जीत लाल यादव ने किया। अतिथियों का स्वागत संस्थान के महामंत्री रामकुमार यादव ने तथा धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष डॉ. धर्मराज यादव ने किया।