समूह सखियों ने अपनी मांगों को लेकर खंड विकास अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मऊआइमा,प्रयागराज। गांव-गांव जाकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने वाली सखियों ने शनिवार को अपने हक की आवाज बुलंद की। मऊआइमा ब्लॉक परिसर में सैकड़ों समूह सखियाँ, बैंक सखियाँ, आजीविका सखियाँ और स्वास्थ्य सखियाँ एकजुट हुईं। महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए खंड विकास अधिकारी सुभाष चंद्र को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।सखियों का कहना था कि वे तपती धूप, बारिश और गांव की गलियों में लगातार भ्रमण कर समूहों के अभिलेख संभालने, बैठकों, बैंकिंग कार्य, सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम करती हैं। जिम्मेदारियां लगातार बढ़ती गईं, लेकिन मानदेय आज भी बेहद कम है। समूह सखियों ने ₹2,000 से बढ़ाकर ₹20,000 तथा बैंक सखियों ने ₹3,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह करने की मांग उठाई।प्रदर्शन के दौरान कुछ सखियों ने मानदेय के भुगतान में देरी का दर्द भी साझा किया। उनका आरोप था कि किसी को 10 महीने से भुगतान नहीं मिला, तो किसी ने बताया कि करीब दो साल से मानदेय लंबित है। महिलाओं ने कहा कि इतनी कम और अनियमित राशि में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।ज्ञापन में नियमित मानदेय, यात्रा भत्ता, पांच लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, व्यक्तिगत बैंक खाते में भुगतान, ऑनलाइन कार्यों के लिए टैबलेट, स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कैशलेस इलाज तथा समूह सखी और बैंक सखी को अस्थायी दर्जा देने की मांग की गई।सखियों ने कहा कि जब उनसे सरकार की योजनाएं गांव-गांव पहुंचाने की जिम्मेदारी ली जाती है, तो उनके श्रम का सम्मान भी होना चाहिए। बीडीओ सुभाष चंद्र ने आश्वासन दिया कि मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।