सीएमपी डिग्री कॉलेज में विधि के नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन, पांच मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
प्रयागराज। सीएमपी डिग्री कॉलेज के विधि विभाग में बीएएलएलबी (ऑनर्स) प्रथम वर्ष के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विधि शिक्षा, व्यावसायिक अवसरों और विधिक शोध की जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि संकाय के डीन प्रो. आदेश कुमार और विभागाध्यक्ष प्रो. अंशुमान मिश्रा ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक विकास, व्यक्तित्व निर्माण और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं विकसित करने के लिए प्रेरित किया। पाठ्यक्रम समन्वयक रेनु सिंह ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा एवं विशेषताओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में सत्र 2021-26 के पांच मेधावी विद्यार्थियों प्रशस्ति गुप्ता, जाह्नवी सिंह, मोहम्मद गालिब, आस्था शुक्ला और स्वाति शुक्ला को सम्मानित किया गया।
प्रो. रजत श्रीवास्तव ने विधि व्यवसाय में अंग्रेजी भाषा के महत्व तथा प्रो. ऋषिकांत पांडेय ने समकालीन समय में दर्शन की प्रासंगिकता पर व्याख्यान दिया। वहीं, मनुपात्र विशेषज्ञ प्रभाकर जायसवाल ने डिजिटल माध्यम से विधिक शोध करने की प्रक्रिया समझाई।
कार्यक्रम में प्रो. अर्चना खरे, प्रो. आभा त्रिपाठी, प्रो. सरोज सिंह, प्रो. अर्चना त्रिपाठी, प्रो. नीता सिन्हा, प्रो. भावना चैहान, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. पुनीत कुमार सिंह और प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। संचालन हिमांशु उपाध्याय एवं कल्पिता यादव ने किया।
मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि संकाय के डीन प्रो. आदेश कुमार और विभागाध्यक्ष प्रो. अंशुमान मिश्रा ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक विकास, व्यक्तित्व निर्माण और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं विकसित करने के लिए प्रेरित किया। पाठ्यक्रम समन्वयक रेनु सिंह ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा एवं विशेषताओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में सत्र 2021-26 के पांच मेधावी विद्यार्थियों प्रशस्ति गुप्ता, जाह्नवी सिंह, मोहम्मद गालिब, आस्था शुक्ला और स्वाति शुक्ला को सम्मानित किया गया।
प्रो. रजत श्रीवास्तव ने विधि व्यवसाय में अंग्रेजी भाषा के महत्व तथा प्रो. ऋषिकांत पांडेय ने समकालीन समय में दर्शन की प्रासंगिकता पर व्याख्यान दिया। वहीं, मनुपात्र विशेषज्ञ प्रभाकर जायसवाल ने डिजिटल माध्यम से विधिक शोध करने की प्रक्रिया समझाई।
कार्यक्रम में प्रो. अर्चना खरे, प्रो. आभा त्रिपाठी, प्रो. सरोज सिंह, प्रो. अर्चना त्रिपाठी, प्रो. नीता सिन्हा, प्रो. भावना चैहान, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. पुनीत कुमार सिंह और प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। संचालन हिमांशु उपाध्याय एवं कल्पिता यादव ने किया।