पवित्र धार्मिक ग्रंथों के मामले में मुकदमा दर्ज, गुरुद्वारे का सेवादार गिरफ्तार **धार्मिक ग्रंथों को जलाने और वादी को धमकी देने के आरोप में पुलिस की कार्रवाई**
**लखीमपुर-खीरी, 11 अक्टूबर।** निर्मल आश्रम में सिखों के पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब, अन्य धार्मिक ग्रंथों और आश्रम के दस्तावेजों को कथित रूप से जलाने के मामले में कोतवाली सदर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी सेवादार प्रभुमान सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर मामले के वादी निर्मल सिंह के साथ गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2026 को हुई घटना के संबंध में वादी की तहरीर पर मुकदमा संख्या 812/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। मामले की जांच के दौरान 10 अक्टूबर को वादी के साथ कथित तौर पर दोबारा गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप सामने आए, जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 और 351(3) भी जोड़ी गईं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी निर्मल आश्रम के पास सड़क पर कुछ अज्ञात साथियों के साथ मौजूद था और धार्मिक ग्रंथों के संदर्भ में उत्तेजक बातें करते हुए धमकी दे रहा था। लोकशांति बनाए रखने और संभावित संज्ञेय अपराध को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170, 126 और 135 के तहत गिरफ्तार किया।
**गिरफ्तार आरोपी:** प्रभुमान सिंह (लगभग 20 वर्ष), पुत्र ओंकार सिंह, निवासी निर्मल आश्रम (निर्मलनगर), थाना कोतवाली सदर, जनपद खीरी।
**गिरफ्तारी करने वाली टीम:** उपनिरीक्षक विक्रान्त चौधरी, कांस्टेबल संजीव कुमार और कांस्टेबल मोहित कुमार।
पुलिस अधीक्षक खीरी डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सदर के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर के नेतृत्व में की गई।