प्रयागराज, शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में बंधवा गांव मे किसानों का पांचवें दिन भी धरनाजारीरू बंधवा गांव में मूलभूत सुविधाओं की मांग, वोट बहिष्कार की चेतावनी
शंकरगढ़ (प्रयागराज)। शंकरगढ़ विकास खंड थाना क्षेत्र शंकरगढ़ के बंधवा गांव के जिल्ला में विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन किसान के कार्यकर्ताओं का धरना-प्रदर्शन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने में 50 से अधिक किसान शामिल होकर गांव की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन किसान के शंकरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष अरुण सिंह की अगुवाई में चल रहे इस धरना-प्रदर्शन में ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी जताई।
धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि ग्राम सभा में अब तक नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। सड़क की सुविधा भी नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान दैवी आपदा से जिन गरीब परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए या गिर गए, उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का आरोप
है कि बार-बार समस्याएं उठाने के बावजूद उनकी मांगों पर
प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
एक किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है पानी ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। उनका कहना है कि ग्राम सभा में एक भी हैंडपंप नहीं है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से परेशानी होती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में हैंडपंप लगवाने के साथ सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो करेंगे वोट बहिष्कार धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। किसानों का कहना है कि वे किसी भी राजनीतिक दल को वोट नहीं देंगे। उनका उद्देश्य गांव की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान कराना है।
धरने में शामिल प्रभावती, रामरती, सियाराम, रामभवन और शंकरलाल समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन किसान के शंकरगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष अरुण सिंह की अगुवाई में चल रहे इस धरना-प्रदर्शन में ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी जताई।
धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि ग्राम सभा में अब तक नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। सड़क की सुविधा भी नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान दैवी आपदा से जिन गरीब परिवारों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए या गिर गए, उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का आरोप
है कि बार-बार समस्याएं उठाने के बावजूद उनकी मांगों पर
प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
एक किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है पानी ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। उनका कहना है कि ग्राम सभा में एक भी हैंडपंप नहीं है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से परेशानी होती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में हैंडपंप लगवाने के साथ सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो करेंगे वोट बहिष्कार धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। किसानों का कहना है कि वे किसी भी राजनीतिक दल को वोट नहीं देंगे। उनका उद्देश्य गांव की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान कराना है।
धरने में शामिल प्रभावती, रामरती, सियाराम, रामभवन और शंकरलाल समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।