प्रयागराज पब्लिक स्कूल में धनुष यज्ञ व रामलीला का भव्य मंचन शिव धनुष भंग का दृश्य रहा आकर्षण का केंद्र, श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा विद्यालय परिसर
प्रयागराज। किहुनी खुर्द स्थित प्रयागराज पब्लिक स्कूल के प्रांगण में एक दिवसीय भव्य धनुष यज्ञ एवं रामलीला का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंधक श्रीकांत पांडेय के सानिध्य एवं एडवोकेट विनय कुमार चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। रामलीला के सजीव मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन की ओर से दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर किया गया। इसके बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ। कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय, प्रभावशाली संवादों और भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में शिव धनुष यज्ञ एवं धनुष भंग का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष उठाने और उसका भंग करने का प्रसंग प्रस्तुत होते ही पूरा विद्यालय परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। मंचन के दौरान दर्शक भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आए।
इस अवसर पर सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक चेतना के प्रसार और भावी पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं में संस्कारों का विकास होता है तथा समाज में आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय परिवार ने भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन की ओर से दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर किया गया। इसके बाद रामलीला का मंचन शुरू हुआ। कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय, प्रभावशाली संवादों और भक्तिमय प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम में शिव धनुष यज्ञ एवं धनुष भंग का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष उठाने और उसका भंग करने का प्रसंग प्रस्तुत होते ही पूरा विद्यालय परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। मंचन के दौरान दर्शक भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आए।
इस अवसर पर सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक चेतना के प्रसार और भावी पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से बच्चों और युवाओं में संस्कारों का विकास होता है तथा समाज में आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय परिवार ने भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला।