नवरात्रि में श्रद्धालुओं की आस्था के रास्ते में गड्ढे, नगर निगम तत्काल कराए सड़कों की मरम्मत: प्रदीप जैन आदित्य
झांसी । शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर एक ओर जहां शहर में जगह-जगह मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर श्रद्धालु पूजा-अर्चना में लीन हैं, वहीं दूसरी ओर शहर की बदहाल सड़कों और जलभराव की समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रमुख मार्गों पर गड्ढे और सड़कों पर बहता नालियों का गंदा पानी नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए नगर निगम से तत्काल सड़कों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
प्रदीप जैन आदित्य ने बताया कि पचकुइयाँ से गणेश मंदिर मार्ग, सुभाषगंज, बड़ा बाजार, फिल्टर रोड तथा दतिया गेट से फिल्टर रोड तक कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इसके साथ ही नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन गड्ढों के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान इन मार्गों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते-जाते हैं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। ऐसे में सड़कों की बदहाली और जलभराव के बीच आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है। त्योहार के समय श्रद्धालुओं को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराना और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं देना नगर निगम की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि सड़कों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था नहीं की जाती, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने संबंधित क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने की चेतावनी दी। उन्होंने मांग की कि सड़कों के गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए, नालियों के पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत बिना किसी देरी के कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को राहत मिल सके।
प्रदीप जैन आदित्य ने स्पष्ट कहा कि जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहिए। त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद व्यवस्था को दुरुस्त करने की नौबत न आए।