मिशन शक्ति फेज-6: बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति किया जागरूक, रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी नाटक के माध्यम से बच्चों ने दिया बाल विवाह रोकने का संदेश, सरकारी योजनाओं की पात्रता एवं लाभों से कराया अवगत
कुशीनगर। मिशन शक्ति फेज-6 के अंतर्गत रविवार को ग्राम पंचायत ढाढ़ा बुजुर्ग में बाल विवाह के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एएचटी थाना प्रभारी जितेंद्र एवं जिला मिशन समन्वयक, हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन नलिन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को इस सामाजिक कुप्रथा को रोकने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शांतपुष्पा विद्यालय के बच्चों ने नाटक के माध्यम से बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षिक एवं व्यक्तिगत नुकसान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों ने संदेश दिया कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य, शिक्षा और उनके समुचित विकास में बाधक है। इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
इस दौरान शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उनकी पात्रता एवं उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया गया। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रमुख रहीं। उपस्थित लोगों को इन योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने और जरूरतमंद परिवारों को इनके प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
उप निरीक्षक विनीत वर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न आपातकालीन एवं महिला-बाल सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वन स्टॉप सेंटर 181, महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 तथा एंबुलेंस सेवाओं 108 एवं 102 के उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी संकट की स्थिति में इन हेल्पलाइन नंबरों का समय से उपयोग कर पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
श्रीमती सुनीता पाण्डेय ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों से इस कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बाल विवाह की रोकथाम आवश्यक है।
कार्यक्रम में कोतवाली हाटा से महिला कांस्टेबल ज्योति कुमारी, कविता यादव, अनु यादव एवं ज्ञान प्रकाश सूर्यवंशी सहित गृह विभाग के पुलिसकर्मी, एएचटी थाना से मुकेश समझ यादव, महिला कांस्टेबल अनुराधा सिंह एवं शालिनी पाण्डेय तथा महिला कल्याण विभाग से प्रीति सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती प्रियंका चौरसिया ने अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 अथवा पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।