मिलेट्स को बढ़ावा देने प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला, श्रीअन्न के फायदे बताए
मेजा,प्रयागराज। परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को श्री अन्न (मिलेट्स) के पोषण संबंधी महत्व तथा इसके नियमित उपभोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रधानाध्यापकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) उरुवा के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यशाला प्रशिक्षण में ब्लॉक के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं संबंधित शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के माध्यम से बच्चों, अभिभावकों एवं समुदाय में मोटे अनाज अर्थात श्रीअन्न के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दैनिक भोजन में इनके उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षकों ने मिलेट्स की पौष्टिकता, स्वास्थ्य संबंधी लाभ, संतुलित आहार में इसकी उपयोगिता तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटे अनाजों के महत्व की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार प्रदीप बाबू ने बताया कि ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कुटकी एवं सांवा जैसे मिलेट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें फाइबर, खनिज एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के बीच श्रीअन्न को भोजन में शामिल करना पोषण जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यालय बच्चों में अच्छी खानपान संबंधी आदतों के विकास का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। इसके लिए प्रार्थना सभा, बालसभाओं, पोस्टर प्रतियोगिताओं, निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी एवं अन्य शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से मिलेट्स के महत्व का प्रचार-प्रसार किया जा सकता है। विद्यार्थियों को स्थानीय मोटे अनाजों की पहचान, उनके पोषण मूल्य तथा विभिन्न खाद्य पदार्थों में उनके उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया। वहीं कृषि विभाग से आये अरुण शुक्ला ने प्रधानाध्यापकों से अपेक्षा की कि वे अभिभावक बैठकों के माध्यम से परिवारों को श्रीअन्न के लाभों से अवगत कराएं तथा बच्चों के भोजन में पौष्टिक एवं विविधतापूर्ण खाद्य पदार्थों को शामिल करने के लिए प्रेरित करें।