माँ शीतला मंदिर पर भव्य भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के सोनार का तारा स्थित शक्तिपीठ मां शीतला माता मंदिर पर मंगलवार को भव्य भंडारे एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस दौरान राहगीरों, ग्रामवासियों और क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर मां शीतला का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आयोजन के दौरान पूरा बाजार ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। आयोजकों की ओर से लोगों को श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद वितरित किया गया। स्थानीय लोगों ने इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और जनसेवा का प्रतीक बताया। इस अवसर पर उमेश चन्द्र सोनी पत्रकार, संस्थापकध् अध्यक्ष, स्वर्ण कला सोसाइटी उत्तर प्रदेश सहित संगठन के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। संगठन के सदस्यों ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण करना और जरूरतमंदों की सेवा करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
आयोजन के दौरान मां दुर्गा और मां शीतला से प्रार्थना की गई कि उनकी कृपा से मेजा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जनपद में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाते हुए परिवार और समाज के कल्याण की कामना की।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। आयोजकों की ओर से लोगों को श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद वितरित किया गया। स्थानीय लोगों ने इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और जनसेवा का प्रतीक बताया। इस अवसर पर उमेश चन्द्र सोनी पत्रकार, संस्थापकध् अध्यक्ष, स्वर्ण कला सोसाइटी उत्तर प्रदेश सहित संगठन के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। संगठन के सदस्यों ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण करना और जरूरतमंदों की सेवा करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
आयोजन के दौरान मां दुर्गा और मां शीतला से प्रार्थना की गई कि उनकी कृपा से मेजा विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे जनपद में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाते हुए परिवार और समाज के कल्याण की कामना की।