कृषि अनुसंधान और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय व मंजरी फाउंडेशन में एमओयू उन्नत कृषि तकनीकों से महिला किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को मिलेगा लाभ : कुलपति
झाँसी। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी और ग्रामीण आजीविका एवं महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में कार्यरत मंजरी फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य कृषि अनुसंधान, उन्नत तकनीकों, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण समुदायों का सतत विकास करना है।
कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में विकसित कृषि तकनीकों, ज्ञान और नवाचारों को मंजरी फाउंडेशन के सहयोग से महिला किसानों एवं ग्रामीण उद्यमियों तक पहुँचाया जाएगा। इससे कृषि अनुसंधान और जमीनी स्तर पर उसके क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।
मंजरी फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2015 में राजस्थान के धौलपुर से शुरू हुई संस्था वर्तमान में पाँच राज्यों के 32 जिलों के लगभग 1,650 गांवों में 3.5 लाख परिवारों के साथ कार्य कर रही है। बुंदेलखंड में झाँसी, ललितपुर, बाँदा, टीकमगढ़ और दतिया में संस्था कृषि आधारित आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने बताया कि ललितपुर में महिलाओं द्वारा संचालित दाल प्रसंस्करण इकाई के उत्पादों का विपणन ‘कटोरी’ कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है। यह पहल महिलाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर देने के साथ कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को भी बढ़ावा दे रही है।
समझौता ज्ञापन पर मंजरी फाउंडेशन की ओर से कार्यकारी निदेशक संजय कुमार तथा विश्वविद्यालय की ओर से प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. सुशील कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर अधिष्ठाता कृषि डॉ. आरके सिंह, कुलसचिव डॉ. एसएस कुशवाह, डॉ. डीबी सिंह सहित विश्वविद्यालय एवं मंजरी फाउंडेशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।