हजारों कंठों से गूंजा श्रीमद्भगवद्गीता का सामूहिक सस्वर पाठ एमपीवीएम परिसर में ‘समर्पणम् गीता चेंटिंग’ का आयोजन
प्रयागराज। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर (एमपीवीएम), तेलियरगंज के परिसर में चिन्मय मिशन की ओर से ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ श्रृंखला के अंतर्गत ‘समर्पणम् गीता चेंटिंग’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और भगवान श्रीगणेश की वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि स्वामी अभेदानन्द महाराज, मुख्य अतिथि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी क्षेत्र के शिक्षाविद् राजीव त्रिपाठी, मैकेनिकल विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव श्रीवास्तव, चिन्मय नवीन सेवाश्रम न्यास के सदस्य, एमपीवीएम की सचिव एवं चिन्मय नवीन सेवाश्रम मिशन की अध्यक्ष डॉ. कृष्णा गुप्ता, प्रधानाचार्या अल्पोना डे, माधुरी श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य नित्यानंद सिंह, प्रधानाचार्या विभा श्रीवास्तव सहित समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर के बाल कलाकारों ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर संतों एवं विद्वतजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। सामूहिक गीता गान से पूर्व श्रीमद्भगवद्गीता का पूजन-अर्चन किया गया। चिन्मय नवीन सेवाश्रम न्यास की ब्रह्मचारिणी शाश्वती ने गीता की 108 नामावली का पाठ किया।डॉ. कृष्णा गुप्ता ने चिन्मय मिशन की स्थापना के उद्देश्यों तथा मानव के आध्यात्मिक कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैश्विक स्तर पर मिशन की गतिविधियों के विस्तार का भी उल्लेख किया।इसके बाद ब्रह्मचारिणी शाश्वती एवं छात्र-छात्राओं ने गीता के साररूप ‘गीता पंचामृतम्’ का लयबद्ध गायन प्रस्तुत किया। हजारों विद्यार्थियों एवं सहभागियों ने एक साथ श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय के श्लोकों का सस्वर पाठ किया। सामूहिक स्वर में गूंजते श्लोकों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया। कार्यक्रम में स्वामी अभेदानन्द महाराज ने उपस्थित जनसमूह को शपथ दिलाई। चिन्मय नवीन सेवाश्रम न्यास के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से श्रीकृष्ण की अमृतवाणी और श्रीमद्भगवद्गीता की आरती की। मंत्रोच्चार एवं पूर्णाहुति के साथ आयोजन का समापन हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी सहभागियों को ‘गीता पंचामृतम्’ पुस्तिका एवं प्रसाद वितरित किया गया।