गांधी व्यक्ति नही विचार है- प्रो0 खरे गांधी जयंती की पूर्व सन्ध्या पर बही भजनों की बयार
प्रयागराज। राजर्षि टंडन महिला महाविद्यालय संघटक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में गुरूवार को गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर प्रोफेसर नमिता यादव के संयोजन में महाविद्यालय परिसर में गांधी जयंती कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें प्राचार्य प्रोफेसर अजय प्रकाश खरे द्वारा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें प्रो० नमिता यादव के निर्देशन में संगीत विभाग की छात्राओं सौम्या मालवीया, वैष्णवी, लक्ष्मी, मीनाक्षी, तनु एवं प्रिया राजपूत के द्वारा गांधी जी के विभिन्न भजनों-रघुपति राघव राजा राम, वैष्णव जन तो तेने जे कहिए तथा हे राम हे राम प्रस्तुत किया गया।
अन्य कार्यकर्मो में वैशाली के द्वारा गांधी जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया तथा तन्नू सिंह एवं खुशी ने कविता पाठ किया। तदुपरांत प्राचार्य प्रोफेसर खरे ने गाँधी जी की सरलता व सहजता तथा उनके दर्शन को भेद रहित दर्शन के रूप में आलोकित किया गाँधी सिद्धांतों पर चलने का मार्ग के रूप में बताया। कार्यक्रम के अंत में प्रो नीलिमा सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम के मंच का संचालन डॉ यशस्वी सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रोफेसर नीलिमा सिंह, डॉ अमितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ प्रियंका शर्मा, डॉ विवेक सिंह, डॉ शमीनाज बानो, डॉ वर्षा अग्रवाल, डॉ अंशू, डॉ अनिल यादव, डॉ यशस्वी पांडे, डॉ अभिषेक, नवीन तिवारी, एवं महाविद्यालय की समस्त शोध छात्र और छात्राएं उपस्थित रही।
अन्य कार्यकर्मो में वैशाली के द्वारा गांधी जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया तथा तन्नू सिंह एवं खुशी ने कविता पाठ किया। तदुपरांत प्राचार्य प्रोफेसर खरे ने गाँधी जी की सरलता व सहजता तथा उनके दर्शन को भेद रहित दर्शन के रूप में आलोकित किया गाँधी सिद्धांतों पर चलने का मार्ग के रूप में बताया। कार्यक्रम के अंत में प्रो नीलिमा सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम के मंच का संचालन डॉ यशस्वी सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रोफेसर नीलिमा सिंह, डॉ अमितेंद्र प्रताप सिंह, डॉ प्रियंका शर्मा, डॉ विवेक सिंह, डॉ शमीनाज बानो, डॉ वर्षा अग्रवाल, डॉ अंशू, डॉ अनिल यादव, डॉ यशस्वी पांडे, डॉ अभिषेक, नवीन तिवारी, एवं महाविद्यालय की समस्त शोध छात्र और छात्राएं उपस्थित रही।