बढ़नी में मूर्ति विसर्जन के दौरान एक ही समुदाय के दो पक्षों में भिड़ंत, पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर संभाले हालात
सिद्धार्थनगर : जनपद के नगर पंचायत बढ़नी में विजयदशमी के अवसर पर मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान मालगोदाम तिराहे के पास एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच अचानक कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी। विसर्जन मार्ग पर आम नागरिकों, महिलाओं व श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा हालात को गंभीर होने से रोकने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस को मजबूरन कानूनन आवश्यक बल प्रयोग (लाठी फटकारना) करना पड़ा। समय रहते पुलिस द्वारा उठाए गए इस कदम से उपद्रवियों को तुरंत तितर-बितर कर दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा और अप्रिय घटना टल गई।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम शोहरतगढ़ रवीश कुमार गुप्ता, तहसीलदार सहित राजस्व विभाग, पुलिस व अभिसूचना की टीमें तुरंत सक्रिय होकर मौके पर डट गईं। इसके साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद, क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी, सीओ सदर विश्वजीत शौर्यान, सीओ इटवा पवीन प्रकाश और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश वर्मा के नेतृत्व में ढेबरुआ, शोहरतगढ़, कठेला समय माता, गोल्हौरा, त्रिलोकपुर, उसका बाजार, कपिलवस्तु कोतवाली तथा महिला थाना सिद्धार्थनगर सहित कई थानों की फोर्स, एक गाड़ी पीएसी बल व अतिरिक्त यूपी पुलिस फोर्स भी देर रात्रि मौके पर पहुंच गई। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने कस्बे में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए मालगोदाम तिराहे से रामलीला मैदान तक पैदल मार्च (फ्लैग मार्च) निकाला और स्थानीय नागरिकों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
कस्बे से लेकर विसर्जन स्थल तक चप्पे-चप्पे पर प्रशासनिक मुस्तैदी, खुफिया नजर, पीएसी व पुलिस बल की सख्त तैनाती के बीच चरगहवा नदी में देर रात्रि लगभग सुबह 3 बजे तक जयकारों के बीच प्रतिमाओं का शांतिपूर्ण विसर्जन संपन्न कराया गया। वर्तमान में कस्बे में स्थिति पूरी तरह सामान्य व नियंत्रण में है।
इसी दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि के साथ भी अभद्रता और मारपीट की घटना सामने आई। चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने ढेबरुआ थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया है कि जब वह मालगोदाम चौराहे पर प्रसाद वितरण कर रहे थे, तभी पंकज चतुर्वेदी, जयन्त पाण्डेय, अभिषेक चतुर्वेदी, भोला पाण्डेय, रामभवन यादव तथा लगभग दो दर्जन अज्ञात लोगों ने एकराय होकर लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से लैस होकर जानलेवा हमला कर दिया। उन्होंने मारपीट, गाली-गलौज, दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त करने तथा सोने की चेन व नकदी छीनने का आरोप लगाते हुए विधिक कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, दूसरे पक्ष के पंकज चतुर्वेदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि दो दिन पूर्व उनके भाई प्रिंस चतुर्वेदी, रवि गौतम व अन्य के साथ कस्बे के अभिषेक यादव व करन यादव आदि द्वारा मारपीट की गई थी, जिसका मुकदमा ढेबरुआ थाने में दर्ज कराया गया था। आरोप है कि उसी रंजिश को लेकर विसर्जन के दौरान चेयरमैन पक्ष से जुड़े लोगों द्वारा विवाद खड़ा किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उनके रिश्तेदार को गाड़ी में बैठा लिया। जब वह मौके पर जानकारी लेने और पूछताछ करने पहुंचे, तो वहां कहासुनी और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बहरहाल, घटना के पीछे की असली सच्चाई क्या है, यह तो निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मामले में ढेबरुआ थानाध्यक्ष चन्द्रकांत पाण्डेय ने बताया कि नगर पंचायत अध्यक्ष की तहरीर प्राप्त हो गई है, जिसके आधार पर नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
त्योहार में खलल डालने वालों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई: सीओ
क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि त्योहार के दौरान अशांति फैलाने और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अराजक तत्व को कतई बख्शा नहीं जाएगा। घटना में शामिल सभी उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।