बढ़नी में मूर्ति विसर्जन के दौरान बवाल: चेयरमैन और पुलिस पर हमले में दो मुकदमे, तीन गिरफ्तार
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। ढेबरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत बढ़नी के माल गोदाम तिराहे पर दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए उपद्रव के मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में एक तरफ नगर पंचायत अध्यक्ष पर जानलेवा हमला, लूटपाट व तोड़फोड़ का आरोप है, तो वहीं दूसरी ओर मौके पर शांति व्यवस्था बनाने पहुंची पुलिस टीम से हाथापाई, पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरि द्वारा ढेबरुआ थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात करीब 11:00 बजे वे माल गोदाम चौराहे पर आयोजित दुर्गा पूजा में प्रसाद वितरण कर रहे थे। आरोप है कि उसी दौरान पंकज चतुर्वेदी, अभिषेक चतुर्वेदी, जयन्त पाण्डेय, भोला पाण्डेय, रामभवन यादव और उनके साथ करीब दो दर्जन अज्ञात लोग हॉकी, डंडे व धारदार हथियारों से लैस होकर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए उन पर जानलेवा हमला कर दिया। तहरीर में उल्लेख है कि मारपीट के दौरान आरोपितों ने उनके गले से सोने की चेन व कुर्ते की जेब से करीब 2500 रुपये छीन लिए तथा वाहन में तोड़फोड़ कर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। इस तहरीर पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190 (गैरकानूनी जमावड़ा), 191(2) व 191(3) (घातक हथियारों से लैस होकर बलवा करना), 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), 351(3) (जान से मारने की धमकी देना), 352 (शांति भंग की नीयत से अपमान), 304(2) (छीनैती व लूट) और 324(2) (वाहनों व संपत्ति में तोड़फोड़) के तहत केस दर्ज किया है।
वहीं, बढ़नी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक बीरेन्द्र यादव की तहरीर के मुताबिक, वे अपने हमराही आरक्षियों सच्चिदानन्द सिंह व अर्जुन यादव के साथ मूर्तियों को क्रमवार विसर्जन हेतु आगे बढ़वा रहे थे। माल गोदाम तिराहे के पास कुछ लोगों में विवाद होने पर जब पुलिसकर्मी बीच-बचाव कराने पहुंचे, तो आरोपित केशव पाण्डेय सिपाही सच्चिदानन्द सिंह से उलझ गया। आरोप है कि इसके बाद आरोपित के पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर ईंट-डंडों से पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस घटना में आरक्षी सच्चिदानन्द सिंह की पसली व हाथ पर गंभीर चोटें आईं, जबकि चौकी प्रभारी व अन्य सिपाही भी चोटिल हुए। इस तहरीर पर पुलिस ने केशव पाण्डेय, पंकज चतुर्वेदी, अभिषेक चतुर्वेदी, प्रिन्स चतुर्वेदी, विवेक चतुर्वेदी, राकेश चौधरी, जयन्त पाण्डेय, भोला पाण्डेय, राजन विश्वकर्मा, चतुर्भुज पाठक उर्फ कल्लू व 5-6 अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (जानलेवा हमला / हत्या का प्रयास), 132 (ड्यूटी पर तैनात लोकसेवक पर हमला), 191(2) (बलवा), 221 (सरकारी आदेश की अवज्ञा), 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र), 290 (सार्वजनिक उपद्रव व शांति भंग), धारा 3, 5 तथा 7 सीएलए (आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम—सार्वजनिक कार्य में रुकावट व भय पैदा करना) के तहत अभियोग दर्ज किया।
घटना के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्लॉक रोड बढ़नी से नामजद आरोपितों केशव पाण्डेय, अभिषेक चतुर्वेदी और राकेश चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना कर दिया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक राजाराम यादव, हेड कांस्टेबल धीरेन्द्र प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल आलोक कुमार, कांस्टेबल सागर जायसवाल तथा कांस्टेबल विपिन कन्नौजिया शामिल रहे।
बहरहाल, घटना की वास्तविक स्थिति और पूरे मामले की सत्यता पुलिस की विस्तृत विवेचना व साक्ष्य संकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।