बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में दहेज विरोधी संगोष्ठी, छात्र-छात्राओं ने लिया संकल्प
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र एवं शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को दहेज प्रथा के उन्मूलन और महिलाओं के प्रति अत्याचारों की रोकथाम के उद्देश्य से जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय के मार्गदर्शन एवं महिला अध्ययन केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. अचला पांडेय के निर्देशन में संपन्न हुआ।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा संस्थान की सहायक आचार्य डॉ. सुषमा अग्रवाल ने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए कानून के साथ समाज की सोच में बदलाव जरूरी है। बेटियों को दहेज के बजाय शिक्षा, समान अधिकार और आत्मनिर्भरता के अवसर देने चाहिए। उन्होंने संदेश दिया कि ‘दहेज नहीं, बेटी को अधिकार दो, जीवन भर उसे प्यार दो।’
डॉ. अमिता कुशवाहा ने कहा कि विवाह विश्वास और सम्मान का रिश्ता है, इसे आर्थिक लेन-देन का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। वहीं डॉ. रश्मि सिंह ने दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए सभी से अपनी जिम्मेदारी निभाने और जागरूकता फैलाने की अपील की।
संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेते हुए दहेज मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का भरोसा जताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमिता कुशवाहा ने किया तथा आभार डॉ. रश्मि सिंह ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रतिभा खरे, डॉ. रश्मि जोशी, भूपेंद्र मिश्रा, पूजा, अर्पित गुप्ता, अनूप कुमार, नमन चतुर्वेदी, आकाश दिनकर, प्रतीक सिंह, अनुज लोधी, याशी द्विवेदी, शुभी शर्मा, शिवम सिंह, राहुल शर्मा, श्रेया द्विवेदी, काजल, सोनाक्षी, अंजलि मलिक सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।