बारा में फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत, विधायक डॉ. वाचस्पति ने वितरित किए डमी चेक किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता- डॉ. वाचस्पति
बारा, प्रयागराज। प्राकृतिक आपदाओं और फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को बारा तहसील सभागार में कृषि निवेश अनुदान वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डॉ. वाचस्पति ने प्रभावित किसानों को राहत सहायता राशि के डमी चेक वितरित किए। इस दौरान किसानों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. वाचस्पति ने कहा कि किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण जब किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं, तो उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। किसानों की मेहनत से ही लोगों तक अन्न पहुंचता है। इसलिए अन्नदाताओं का सम्मान करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे, ताकि फसल क्षति से उत्पन्न आर्थिक संकट को कम किया जा सके।
विधायक ने संबंधित अधिकारियों से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के साथ ही कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना भी आवश्यक है। इसके लिए किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
तहसील सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कृषि निवेश अनुदान के तहत राहत सहायता का प्रतीकात्मक वितरण किया गया। डमी चेक वितरण के माध्यम से किसानों को शासन की ओर से दी जाने वाली सहायता के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया। कार्यक्रम में तहसील प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी न्यायिक बारा सुरेंद्र प्रताप यादव, तहसीलदार अनिल पाठक, नायब तहसीलदार राम अवध शाह, विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद उर्फ श्यामू, मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी, उमाकांत यादव, विजयराज, पंचुलाल, राजकुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने और कृषि निवेश अनुदान जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को आर्थिक संबल देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. वाचस्पति ने कहा कि किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण जब किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं, तो उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं। किसानों की मेहनत से ही लोगों तक अन्न पहुंचता है। इसलिए अन्नदाताओं का सम्मान करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का प्रयास है कि पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे, ताकि फसल क्षति से उत्पन्न आर्थिक संकट को कम किया जा सके।
विधायक ने संबंधित अधिकारियों से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचाने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के साथ ही कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना भी आवश्यक है। इसके लिए किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
तहसील सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कृषि निवेश अनुदान के तहत राहत सहायता का प्रतीकात्मक वितरण किया गया। डमी चेक वितरण के माध्यम से किसानों को शासन की ओर से दी जाने वाली सहायता के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया। कार्यक्रम में तहसील प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी न्यायिक बारा सुरेंद्र प्रताप यादव, तहसीलदार अनिल पाठक, नायब तहसीलदार राम अवध शाह, विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद उर्फ श्यामू, मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी, उमाकांत यादव, विजयराज, पंचुलाल, राजकुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से फसल क्षति से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने और कृषि निवेश अनुदान जैसी योजनाओं के जरिए किसानों को आर्थिक संबल देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।