बेलवनिया नहर से सिकी तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य अधूरा,बेलहट के आगे नहीं पहुंच रहा पानी करीब 14 करोड़ की परियोजना पर एक साल में उठे सवाल,किसान नेता प्रमोद मिश्र पयासी ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
प्रयागराज। किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के उद्देश्य से बेलवनिया नहर से सिकी तक बनाई गई करीब 14 करोड़ रुपये की परियोजना की कार्यक्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। परियोजना का उद्देश्य नहर के अंतिम छोर सिकी तक पानी पहुंचाकर किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन स्थानीय किसानों के मुताबिक, नहर का पानी बेलहट के आगे नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में परियोजना के निर्माण और संचालन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि परियोजना शुरू होने के लगभग एक वर्ष के भीतर ही इसकी उपयोगिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिन किसानों को नहर के माध्यम से खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद थी, वे अब भी पानी की उपलब्धता को लेकर परेशान हैं। नहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने से परियोजना के निर्धारित लक्ष्य पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी क्रम में किसान नेता प्रमोद मिश्र पयासी ने मंगलवार को क्षेत्र का भ्रमण कर नहर की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए परियोजना की वास्तविक स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता और पानी की आपूर्ति व्यवस्था की जांच की आवश्यकता जताई।
किसान नेता ने संबंधित विभाग के अधिकारियों (एक्सियन,एसडीओ)से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद नहर से निर्धारित क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही नहर के अंतिम छोर सिकी तक पानी पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि किसानों को परियोजना का वास्तविक लाभ मिल सके।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई इस परियोजना की कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि परियोजना शुरू होने के लगभग एक वर्ष के भीतर ही इसकी उपयोगिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिन किसानों को नहर के माध्यम से खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद थी, वे अब भी पानी की उपलब्धता को लेकर परेशान हैं। नहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने से परियोजना के निर्धारित लक्ष्य पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी क्रम में किसान नेता प्रमोद मिश्र पयासी ने मंगलवार को क्षेत्र का भ्रमण कर नहर की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए परियोजना की वास्तविक स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता और पानी की आपूर्ति व्यवस्था की जांच की आवश्यकता जताई।
किसान नेता ने संबंधित विभाग के अधिकारियों (एक्सियन,एसडीओ)से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद नहर से निर्धारित क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही नहर के अंतिम छोर सिकी तक पानी पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि किसानों को परियोजना का वास्तविक लाभ मिल सके।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई इस परियोजना की कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।