बीजेपी देश के लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने का षडयंत्र रच रही - प्रमोद तिवारी राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने वोट चोरी के मुद्दे पर संघर्ष में सांसदो के साथ दुर्व्यहार पर मोदी सरकार को घेरा
प्रतापगढ़। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के इशारे पर मनमाना बदलाव का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र के लिये गंभीर खतरा करार दिया है। वहीं काँग्रेंस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने लखनऊ में भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान राहुल गाँधी के पोस्टर फाड़े जाने को हताशा व अर्मायादित राजनैतिक कुंठा करार दिया है। राज्यसभा में विपक्ष के उप नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि पिछले चार दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के त्यागपत्र को लेकर विपक्ष शांतिपूर्ण देशब्यापी विरोध दर्ज कराता आ रहा है। ज्ञानेश के इस्तीफे के बजाय मोदी सरकार के ईशारे पर राहुल, प्रियंका समेत लोकसभा व राज्य सभा के सांसदो के साथ दिल्ली पुलिस दुर्व्यवहार की पराकाष्ठा कर रही है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि आयोग की जगह भाजपा की प्रेस कांफ्रेंस साबित कर रही है कि मौजूदा मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं को दवाब में लिये हुए है।उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति से मिला और तेरह करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिये जाने की आपत्ति रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन की जगह भाजपा इस मुलाकात पर अनाधिकार प्रतिक्रिया जताकर साबित कर रही कि दाल में कालापन है। सांसद प्रमोद तिवारी ने राजघाट तक हुऐ विपक्षी सांसदो के मार्च को साझा करते हुए कहा कि इस दौरान जनता का समर्थन देख भाजपा की सत्ता से बेदखल होने की बेचौनी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा है कि विपक्ष वोट चोरी का राष्ट्रपति को सबूत सौंपेगा और ज्ञानेश कुमार के त्याग पत्र की मांग को लेकर संसद से सड़क तक संघर्ष जारी रखेगा। सांसद प्रमोद तिवारी ने दिल्ली में बीस से अधिक अर्धसैनिक बलों की कंपनियों तथा भारी पुलिस बल की मौजूदगी को लोकतंत्र में जनता के अधिकार को दबाने का सरकार का दमनकारी कदम कहा है। उन्होने कहा कि पचास मेट्रो स्टेशन बंद करते हुए ट्रेनों को उनके उद्गम स्थल से रोकना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। उन्होने कहा कि सांसदो, छात्रों, वकीलों, नागरिक संगठनों के साथ पुलिस का ज्यादती भरा अवैधानिक आचरण देश देख रहा है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने शासन में बने रहने का नैतिक अघिकार खो दिया है। उन्होने कहा कि राहुल गाँधी लोकतंत्र की आवाज बन चुके हैं। सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा की ताजा प्रेस कांफ्रेंस में संबित पात्रा की टिप्पड़ियों को भी असंसदीय व घटिया कहा है। उन्होने कहा कि राहुल व प्रियंका के साथ पुलिस दुर्व्यवहार मोदी सरकार के पतन का कारण बनेगी। वहीं लखनऊ में भाजपा महिला मोर्चा के काँग्रेंस मुख्यालय के प्रदर्शन पर प्रदेश काँग्रेंस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कड़ी नाराजगी जतायी है। उन्होने कहा कि राहुल गाँधी का अराजक माहौल तैयार कर पोस्टरों को फाड़ना बीजेपी की बड़ी हताशा व कुंठा है। पीसीसी अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि दो दो चुनाव आयुक्त एसआईआर पर ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं। आराधना मिश्रा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश के इस्तीफा न होने की दशा में काँग्रेंस लोकतंत्र की हिफाजत में जारी संघर्ष को और तेज करेगी। पीसीसी चीफ मोना ने कहा कि जुल्म, तानाशाही से बगैर डरे काँग्रेंस बीजेपी के खिलाफ डटी रहेगी। नेता द्वय का बयान मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने शनिवार को निर्गत किया है।