अगले बरस फिर अइयो रे मईया गांव गांव गाजे बाजे के साथ नदी व तालाबों में किया गया मूर्ति विसर्जन
कौशाम्बी। शारदीय नवरात्रि पर्व सम्पन्न होने के बाद विजयादशमी को जगह जगह गाजे बाजे के साथ माँ दुर्गा को विदाई देते हुए नदी व तालाबों में विसर्जित किया गया । विकास खण्ड कड़ा के अंतर्गत गांवों, कस्बों में सजे दुर्गा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का भक्तों ने श्रद्धा भाव से विसर्जन किया है।भक्तों ने नौ दिवसीय पूजन अर्चन के बाद देवी प्रतिमाओं को जल में प्रवाहित कर दिया।ऐसी मान्यता है कि विसर्जन के बाद देवी अपने परिवार के संग वापस कैलाश पर्वत के लिए प्रस्थान कर जाती हैं।शास्त्र कहता है कि देवी-देवताओं की प्रतिमा को पूजन के बाद जल में समर्पित कर देना चाहिए। विकास खंड कड़ा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थापित दुर्गा पंडालों में भक्तों ने कन्या भोज का आयोजन कर देवी प्रतिमाओं का तालाबों में विसर्जन करते हुए विदाई दी है।भक्तों ने नाचते-गाते, अबीर-गुलाल उड़ाते हुए मां की प्रतिमाओं का विसर्जन किया। क्षेत्र के देवीगंज, सौरई बुजुर्ग, दारानगर , म्योहरा , बक्शीकापूरा, कमालपुर टिकरी , सहित दर्जनों गांव की देवी प्रतिमाओं का बनाये गए वैकल्पिक गढ्ढे में विसर्जन किया गया वही अजुहा कस्बे की लाई मंडी व जीटी रोड़ सहित कई गांव की प्रतिमा ससुर खदेरी नदी में विसर्जित किया गया साथ ही अटसराय , अटसरई , सैनी , लोहन्दा , सिराथू , टेढ़ीमोड , उदिहिन , पथरावा , पइंसा , रामपुर धमावा , कैमा , शहजादपुर सहित दर्जनो गांवों की देवी प्रतिमाओं का भक्तों ने तालाब में विसर्जन किया है।तालाबों पर क्रमवार विसर्जन कराने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।इस दौरान विजय दशमी के दिन माँ के भक्तों ने गाजे बाजे के साथ झूमते हुए नजर आए । इस दौरान सैनी पुलिस गांव गांव भ्रमण कर शांति पूर्ण ढंग से दुर्गा जी की प्रतिमा को विसर्जित कराया ।