50 की उम्र में 21 किमी दौड़े मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम प्रशासनिक सख्ती और फिटनेस का भी दिया दमदार संदेश 50 वर्ष की उम्र में लगातार दूसरे साल पूरी की दौड़
प्रयागराज। प्रशासनिक कार्यों में शक्ति, अनुशासन और तत्परता के लिए पहचाने जाने वाले प्रयागराज मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने 50 वर्ष की उम्र में दिल्ली हाफ मैराथन-2026 पूरी कर एक बार फिर अपनी सक्रियता का परिचय दिया है। 18 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में उन्होंने 21.097 किलोमीटर की दूरी तय की। एक ओर प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच फिटनेस के प्रति उनका समर्पण चर्चा में है, तो दूसरी ओर जनसुनवाई के जरिए आम जनता और फरियादियों की समस्याओं के समाधान पर जोर देने वाली उनकी कार्यशैली भी उन्हें अलग पहचान दिलाती है। सख्त प्रशासनिक रुख, अनुशासित दिनचर्या और जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता उनकी कार्यशैली के प्रमुख पहलू माने जाते हैं।
डॉ. लोकेश एम. ने लगातार दूसरे वर्ष दिल्ली हाफ मैराथन में हिस्सा लेकर दौड़ पूरी की। वर्ष 2025 में भी उन्होंने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। उस समय उनकी उम्र 49 वर्ष थी। इस बार 50 वर्ष की उम्र में 21.097 किलोमीटर की चुनौती पूरी कर उन्होंने नियमित व्यायाम, शारीरिक तैयारी और लक्ष्य के प्रति निरंतरता का परिचय दिया। हाफ मैराथन में इतनी लंबी दूरी तय करने के लिए सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। व्यस्त प्रशासनिक दिनचर्या के बीच इस चुनौती को पूरा करना उनकी सक्रिय जीवनशैली को दर्शाता है।
डॉ. लोकेश एम. की पहचान केवल प्रशासनिक बैठकों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है। जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योगी सरकार की जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में वह शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर देते हैं। आम जनता और फरियादियों के बीच उनकी कार्यशैली की चर्चा का एक प्रमुख कारण समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर दिया जाने वाला जोर है।
डॉ. लोकेश एम. उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वर्तमान में प्रयागराज मंडलायुक्त के रूप में मंडल की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों की निगरानी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में हाफ मैराथन पूरी करना उनके लिए खेल उपलब्धि के साथ फिटनेस के प्रति प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है। उनकी यह उपलब्धि संदेश देती है कि जिम्मेदारियों का दबाव कितना भी हो, अनुशासन और नियमित अभ्यास के जरिए शारीरिक सक्रियता बनाए रखी जा सकती है। प्रशासनिक दृढ़ता और व्यक्तिगत अनुशासन के मेल के कारण डॉ. लोकेश एम. की यह उपलब्धि प्रयागराज मंडल में चर्चा का विषय बनी हुई है।
डॉ. लोकेश एम. ने लगातार दूसरे वर्ष दिल्ली हाफ मैराथन में हिस्सा लेकर दौड़ पूरी की। वर्ष 2025 में भी उन्होंने इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। उस समय उनकी उम्र 49 वर्ष थी। इस बार 50 वर्ष की उम्र में 21.097 किलोमीटर की चुनौती पूरी कर उन्होंने नियमित व्यायाम, शारीरिक तैयारी और लक्ष्य के प्रति निरंतरता का परिचय दिया। हाफ मैराथन में इतनी लंबी दूरी तय करने के लिए सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। व्यस्त प्रशासनिक दिनचर्या के बीच इस चुनौती को पूरा करना उनकी सक्रिय जीवनशैली को दर्शाता है।
डॉ. लोकेश एम. की पहचान केवल प्रशासनिक बैठकों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं है। जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। योगी सरकार की जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में वह शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक जवाबदेही पर जोर देते हैं। आम जनता और फरियादियों के बीच उनकी कार्यशैली की चर्चा का एक प्रमुख कारण समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर दिया जाने वाला जोर है।
डॉ. लोकेश एम. उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वर्तमान में प्रयागराज मंडलायुक्त के रूप में मंडल की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों की निगरानी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में हाफ मैराथन पूरी करना उनके लिए खेल उपलब्धि के साथ फिटनेस के प्रति प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है। उनकी यह उपलब्धि संदेश देती है कि जिम्मेदारियों का दबाव कितना भी हो, अनुशासन और नियमित अभ्यास के जरिए शारीरिक सक्रियता बनाए रखी जा सकती है। प्रशासनिक दृढ़ता और व्यक्तिगत अनुशासन के मेल के कारण डॉ. लोकेश एम. की यह उपलब्धि प्रयागराज मंडल में चर्चा का विषय बनी हुई है।