10 वर्षों से मृतकों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, 9 अक्टूबर को काशी में होगा आयोजन
प्रयागराज। किन्नर अखाडा नौ अक्टूबर शनिवार को काशी (वाराणसी ) के पिशाचमोचन घाट पर सुबह आठ बजे से मृतकों (स्वभाविक मौत, अकाल मौत सहित अन्य) के आत्मा की शांति के लिए पिण्डदान करने जा रहा है। यह पिण्डदान कार्यक्रम किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी महराज के नेतृत्व में होगा। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किन्नर अखाड़ा के बडी संख्या में महामण्डलेश्वर, मण्डलेश्वर, पीठाधीश्वर, महंत, श्रीमहंत और बडी संख्या में शिष्य शामिल होगें।
किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि पिछले 10 वर्ष से काशी में मृतक, अकाल मृत, लावारिस मृत और अन्य मृत लोगों के आत्मा की शांति के लिए पिशाचमोचन घाट पर पिण्डदान होगा। उन्होंने बताया कि यह सनातन धर्म की आदिकाल से आज तक परंपरा चली आ रही है कि जो भी अपने, अपनों के बीच के किसी कारणवश उनकी मौत आकस्मिक या अन्य कारण से हुई है उन मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए पिण्डदान कार्यक्रम होगा जिसको काशी के पुरोहित सनातन विधि से संपन्न कराएगें।
किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि पिण्डदान के दौरान सभी पदाधिकारी और बडी संख्या में शिष्य परिवार सहित शामिल होगे। उन्होंने बताया कि किन्नर अखाड़ा सनातन धर्म के उत्थान और अधिक से अधिक लोगों को जोडने में लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि वह आठ अक्टूबर को प्रयागराज आ रही है, यहा से सडक मार्ग से काशी के लिए प्रस्थान करेगी और पिण्डदान कार्यक्रम में शामिल होगी।
किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि पिछले 10 वर्ष से काशी में मृतक, अकाल मृत, लावारिस मृत और अन्य मृत लोगों के आत्मा की शांति के लिए पिशाचमोचन घाट पर पिण्डदान होगा। उन्होंने बताया कि यह सनातन धर्म की आदिकाल से आज तक परंपरा चली आ रही है कि जो भी अपने, अपनों के बीच के किसी कारणवश उनकी मौत आकस्मिक या अन्य कारण से हुई है उन मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए पिण्डदान कार्यक्रम होगा जिसको काशी के पुरोहित सनातन विधि से संपन्न कराएगें।
किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामण्डलेश्वर प्रो (डा) स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी महराज ने बताया कि पिण्डदान के दौरान सभी पदाधिकारी और बडी संख्या में शिष्य परिवार सहित शामिल होगे। उन्होंने बताया कि किन्नर अखाड़ा सनातन धर्म के उत्थान और अधिक से अधिक लोगों को जोडने में लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि वह आठ अक्टूबर को प्रयागराज आ रही है, यहा से सडक मार्ग से काशी के लिए प्रस्थान करेगी और पिण्डदान कार्यक्रम में शामिल होगी।