PRATAPGARH NEWS: सांगीपुर के पूरे अमान भोजपुर में हत्याकांड को लेकर मंगलवार को पुलिस की भूमिका पर भी सवाल तैरते दिखे। चर्चा के मुताबिक दोनों पक्षो मे करीब छः माह से छेडछाड को लेकर विवाद चला आ रहा था। मृतक पक्ष की ओर से पुलिस को कई बार तहरीर भी दी गयी थी। इसके बावजूद सांगीपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नही लिया। पुलिस शिकायत पर डांट फटकार के जरिए रश्म अदायगी करती आयी। छः जून को जानलेवा हमले में जब ओमप्रकाश गौतम की स्थिति पुलिस ने मरणासन्न देखा तब उसके होश ठिकाने आये। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया। चर्चा के मुताबिक शुरूआती विवाद के समय ही पुलिस ने आरोपियो पर शिकंजा कसा होता तब शायद ओमप्रकाश की जान बच सकती थी…?







