JHANSI NEWS: जिलाधिकारी गौरांग राठी की अभिनव पहल “न्यायालय आपके द्वार” जनपद के गरीब एवं दूरदराज क्षेत्रों के वादकारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस व्यवस्था के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई कर त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोगों को बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टाम्प, आर्म्स एक्ट, राजस्व एवं गुण्डा एक्ट से संबंधित मामलों की सुनवाई की। गुण्डा एक्ट के एक मामले में आरोपी को एक लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद करते हुए छह माह तक प्रत्येक पंद्रह दिन में थाने में हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए, जबकि तीन अन्य आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश पारित किए गए। सुनवाई के दौरान आर्म्स एक्ट, स्टाम्प कमी और राजस्व संहिता से जुड़े मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को मौके पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न तहसीलों और थानों से अधिकारी, राजस्व टीम, अधिवक्ता एवं वादी-प्रतिवादी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे। जिलाधिकारी की इस पहल की सराहना प्रदेश स्तर पर हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को घर बैठे न्याय मिलने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है। अधिवक्ताओं एवं वादकारियों ने भी इस व्यवस्था को न्याय प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।







