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कड़ा ब्लॉक सभागार में बाल विकास विभाग की बैठक, योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

KAUSHAMBI NEWS: कड़ा ब्लॉक सभागार में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी कड़ा मनोज वर्मा ने की। बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विभाग से जुड़े कर्मचारियों को बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।बैठक में बताया गया कि समेकित बाल विकास सेवा आईसीडीएस के तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को पूरक पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है, ताकि बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या को कम किया जा सके।इसके साथ ही पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से महिलाओं और परिवारों को संतुलित आहार, स्वच्छता, स्तनपान तथा बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक किया जाता है। जन्म से छह वर्ष तक के बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी की जाती है और कम वजन या कुपोषण से प्रभावित बच्चों को चिन्हित कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय किया जाता है।बैठक में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के बारे में भी जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी केंद्रों पर छोटे बच्चों को खेल, गतिविधियों और शिक्षण सामग्री के माध्यम से विद्यालय जाने से पहले सीखने के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण तथा जरूरत पड़ने पर संदर्भन कराया जाता है। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भीआंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाले लाभ, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी जानकारी दी गई। वहीं पोषण ट्रैकर के माध्यम से लाभार्थियों का पंजीकरण, पोषण संबंधी सेवाओं और बच्चों की वृद्धि की निगरानी को समयबद्ध तरीके से दर्ज करने पर जोर दिया गया।सीडीपीओ मनोज वर्मा ने कहा कि विभागीय योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर महिलाओं और बच्चों को योजनाओं की जानकारी दें तथा पात्र लाभार्थियों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करें।बैठक में कुपोषण की रोकथाम, बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी, पूरक पोषाहार, प्रारंभिक शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल तथा पोषण जागरूकता जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।