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उपमुख्यमंत्री के समक्ष पुरानी पेंशन का प्रस्ताव, गंभीरता से विचार का दिया आश्वासन

PRAYAGRAJ NEWS: संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के तत्वावधान में जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में आयोजित शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी एवं प्रांतीय अधिवेशन में शिक्षामित्र से शिक्षक बने अध्यापकों की पुरानी पेंशन सहित विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी.के. सिंह ने की। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ने शिक्षामित्र से शिक्षक बने अध्यापकों से संवाद करते हुए कहा कि यदि 46 जनपदों में पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र लिए जा चुके हैं तो शेष 29 जनपदों में ऐसा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि वह इस मामले को पूरी गंभीरता से देखेंगे और प्रस्तुत मांगों को संबंधित बैठक में रखकर यथासंभव समाधान का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम के दौरान फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल ने मंच से बताया कि प्रदेश के 46 जनपदों में ऐसे शिक्षकों से पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र लिए जा चुके हैं, जबकि 29 जनपदों में अब भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले बच्चों को दी जाने वाली खाकी वर्दी से उनके मन में हीन भावना पैदा होती थी, जबकि वर्तमान व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने अधिवेशन का प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिन शिक्षामित्रों का विज्ञापन 28 मार्च 2005 से पूर्व का है और जो बाद में शिक्षक बने हैं, उन्हें रिटायरमेंट बेनिफिट्स रूल्स 1961 के नियम 3(8) के तहत पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा विभाग के विषय विशेषज्ञों को मिले लाभ का उदाहरण देते हुए समान आधार पर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग उठाई। कार्यक्रम में फाफामऊ विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, फूलपुर विधायक दीपक पटेल, विधान परिषद सदस्य डॉ. के.पी. श्रीवास्तव, संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, आशीष श्रीवास्तव, गुरुचरण, राजीव सिंह, भूपेंद्र कुमार सिंह, गिरिजा शंकर शुक्ल, संतोष पांडेय, लवलेश वर्मा, रामराज चैधरी, कमलाकर सिंह, कमलेश यादव, जगवीर भाटी, सुनील मौर्य, देवेंद्र मिश्र, कौशलेंद्र शुक्ल, वसीम अहमद, चंद्रमणि पाल सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।