आजादी के बाद भी अबतक नहीं हुआ गांव का विकास पूरा कच्ची सडक पर चलने को मजबूर ग्रामीण
KUSHINAGAR NEWS: विकास खण्ड विशुनपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत सरपतही खुर्द (बहेरा) के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्राम प्रधान सारिका दुबे ने साफ शब्दों में कहा है कि “आजादी के बाद से अबतक गांव का विकास पूरा नहीं हुआ”। इसका जीता-जागता उदाहरण है नहर की पटरी से आगे जाने वाली लगभग 1 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क, जो बरसात आते ही दलदल में तब्दील हो जाती है इस रास्ते गांव के काफ़ी लोगो का आना जाना होता है बच्चे स्कूल जाते लेकिन रास्ता कच्चा है गांव का इतना बड़ा बजट नहीं की ग्रामसभा निधि से इसका कार्य पूर्ण कराया जा सके. वही इस सडक निर्माण को लेकर ग्राम प्रधान द्वारा पडरौना सदर विधायक, विधानसभा क्षेत्र पड़रौना को भेजे गए पत्र और साथ संलग्न तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। यह मार्ग नहर के समीप स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाता है और गांव के सैकड़ों लोगों का रोज का आवागमन इसी रास्ते से होता है। बरसात के दिनों में मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना और जरूरी सामान लाना-ले जाना सब दूभर हो जाता है। फिसलन भरे रास्ते पर आए दिन छोटे-मोटे हादसे भी होते हैं। पत्र में बताया गया कि ग्राम पंचायत में नहर की पटरी का करीब 100 मीटर हिस्सा पहले ही पिच हो चुका है, लेकिन आगे का लगभग 1000 मीटर हिस्सा अब भी कच्चा है। ग्राम प्रधान ने विधायक से अनुरोध किया है कि लाल बचन के घर से मुखलाल यादव के बगीचे तक इस कच्ची पट्टी पर इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य कराया जाए। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में माननीय विधायक ने ग्रामवासियों को इस सड़क को जल्द बनवाने का आश्वासन दिया था। “बरसात सिर पर है। यदि यह सड़क अभी नहीं बनी तो एक बार फिर पूरा गांव महीनों तक कटकर रह जाएगा। जनहित को देखते हुए इसे तत्काल बनाया जाए,” ग्राम प्रधान सारिका दुबे ने पत्र में लिखा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण न केवल आवागमन सुगम करेगा, बल्कि स्वास्थ्य केंद्र तक त्वरित पहुंच से आपात स्थिति में मरीजों की जान भी बचाई जा सकेगी। अब देखना यह है कि विधायक इस मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेते हैं और बरसात से पहले सरपतही खुर्द को पक्की सड़क का तोहफा मिल पाता है या नहीं।







