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मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म, प्यासे को पानी पिलाना ईश्वर की सच्ची आराधना: गुरुप्रसाद मौर्य

आरएल वाटर पार्क के सौजन्य से षांतिपुरम के गंगा विहार कॉलोनी में राहगीरों को बांटा गया शीतल शरबत

PRAYAGRAJ NEWS: भीषण गर्मी में किसी प्यासे कंठ को शीतलता प्रदान करना संसार का सबसे पुंय कार्य है। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जब हम निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं तो वही ईश्वर की सच्ची आराधना बन जाती है। यह विचार फाफामऊ विधायक गुरुप्रसाद मौर्य ने शांतिपुरम की गंगा विहार कॉलोनी में आयोजित शरबत वितरण कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। आरएल वाटर पार्क के सौजन्य से आयोजित इस शिविर में विधायक ने पूरे समय उपस्थित रहकर अपने हाथों से राहगीरों, श्रमिकों और स्थानीय लोगों को ठंडा शरबत पिलाकर मानवता की सेवा की। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए फाफामऊ विधायक ने सेवा भाव पर जोर देते हुए कहा कि हमारा सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति हमेशा से परोपकाराय पुंयाय के सिद्धांत पर चलती आई है। ज्येष्ठ मास की इस प्रचंड गर्मी में जब तापमान आसमान छू रहा है, सड़कों पर निकलने वाले राहगीर, मजदूर एवं रिक्शा चालक सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। ऐसे समय में उन्हें शीतल पेय या जल उपलब्ध कराना केवल एक सामाजिक कार्य नहीं बल्कि एक महान मानवीय कर्तव्य है। विधायक ने आरएल वाटर पार्क के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आगे कहा, नर सेवा ही नारायण सेवा है। जब कोई थका-हारा राहगीर इस ठंडे शरबत से अपनी प्यास बुझाता है, तो उसके अंतर्मन से जो दुआ और आशीर्वाद निकलता है। समाज के हर सक्षम व्यक्ति व संस्था को इस तरह के जनहित के कार्यों के लिए आगे आना चाहिए। सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर ही रही है, लेकिन जब तक समाज एवं संस्थाएं मिलकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित नहीं करेंगी, तब तक ऐसे पुनीत कार्य व्यापक रूप नहीं ले सकते। आरएल वाटर पार्क के सौजन्य से आयोजित इस शरबत वितरण शिविर में राहगीरों का तांता लगा रहा। भीषण धूप में सफर कर रहे लोगों ने ठंडे व मधुर शरबत का आनंद लिया। इस अवसर पर क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने विधायक जी के साथ मिलकर सेवा कार्य में पूरा सहयोग दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. ललित कुमार मिश्रा, फूलचंद पांडेय, गोपाल मिश्रा (अध्यक्ष), अजय प्रताप सिंह, बी.के. उपाध्याय, अशोक कनौजिया, दीपक श्रीवास्तव, दीपक दुबे, सुशील शुक्ला तथा ज्ञानेश्वर शुक्ला आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।