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डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण समेत आगामी कार्यक्रम को लेकर हुई बैठक

MIRZAPUR NEWS: गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी बरौधा कचार मीरजापुर के सभागार में भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज की अध्यक्षता में डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पक्ष 23 जून से 6 जुलाई तक के आगामी कार्यक्रमों हेतु जिला बैठक का आयोजन किया गया । बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जी ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक तथा प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी को राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को जागृत करने और भारत की अखंडता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है । वह एक प्रख्यात शिक्षाविद्, कुशल प्रशासक, दूरदर्शी राजनेता और प्रखर राष्ट्रभक्त थे । मा0 राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी के निर्देशानुसार डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्मरण पक्ष का आयोजन 23 जून 2026 ( बलिदान ) से 06 जुलाई 2026 ( जन्मदिवस ) तक किया जाएगा । यह वर्ष डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी 125 वीं जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है ।  तत्पश्चात् काला दिवस को याद करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष जी ने कहा कि 25 जून 1975 की रात तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत देश में ‘आंतरिक अशांति’ के आधार पर आपातकाल की घोषणा की । यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में तीसरा आपातकाल था । इससे पहले 1962 में चीन युद्ध और 1971 में पाकिस्तान युद्ध के समय बाहरी आक्रमण के आधार पर आपातकाल लगाया गया था । समाचार पत्रों पर कड़ी सेंसरशिप लागू हुई । बिजली काटकर अखबारों का प्रकाशन रोका गया । कई पत्रकारों को जेल भेजा गया । MISA कानून के तहत जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस समेत हजारों नेताओं को गिरफ्तार किया गया । 18 जनवरी 1977 को इंदिरा गांधी ने अचानक लोकसभा भंग कर मार्च में चुनाव की घोषणा की । 21 मार्च 1977 को आपातकाल हटा लिया गया । 16-20 मार्च 1977 को हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली । इंदिरा गांधी और संजय गांधी दोनों अपनी सीट हार गए । जनता पार्टी की सरकार बनी और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने । 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक लगे 21 महीने के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का ‘काला अध्याय’ कहा जाता है। इस दौर ने संविधान में निहित शक्तियों के दुरुपयोग की आशंका को उजागर किया, साथ ही यह भी दिखाया कि भारत में लोकतांत्रिक चेतना कितनी मजबूत है । 1977 के चुनाव में जनता ने अपने मत से आपातकाल पर फैसला सुना दिया । आज 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में भी याद किया जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां लोकतंत्र के मूल्य और आपातकाल की त्रासदी को न भूलें । तत्पश्चात् लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड की दु:खद घटना में दिवंगत सभी छात्रों को श्रद्धांजली अर्पित किया गया एवं घायल छात्रों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई । तत्पश्चात् पं0 दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अन्तर्गत डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम ( ऑनलाइन  कार्यकर्ता प्रशिक्षण ) पर विस्तृत चर्चा किये । कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री स्वामीनाथ सिंह ने किया एवं अभियान के संयोजक जिला उपाध्यक्ष रवीन्द्र नारायण सिंह जी रहे । इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष हेमन्त त्रिपाठी, गौरव ऊमर, इन्द्र कुमार सिंह, बैजनाथ प्रजापति, उदयभान तिवारी, जिला महामंत्री रवि शंकर पाण्डेय, डॉ0 सी0एल0 बिन्द, जिलामंत्री संध्या पटेल, वीरेन्द्र प्रताप यादव, रोहित त्रिपाठी, पुनम चौरसिया, जिला मीडिया प्रभारी पं0 भावेश शर्मा, जिला मीडिया सह प्रभारी विजय शक्ति दूबे, रतन कुमार सिंह, शुभम जायसवाल के साथ मण्डल प्रभारीगण एवं मण्डल अध्यक्षगण एवं मण्डल के अभियान संयोजक व सहसंयोजकगण उपस्थित रहे । उक्त जानकारी जिला मीडिया प्रभारी पं0 भावेश शर्मा ने दिया ।