Home उत्तर प्रदेश ग्रो सेफ फूड” अभियान के तहत किसान जागरूकता कार्यशाला आयोजित

ग्रो सेफ फूड” अभियान के तहत किसान जागरूकता कार्यशाला आयोजित

अमानक एवं अपंजीकृत कीटनाशकों से बचाव के लिए कृषकों को किया गया जागरूक, सुरक्षा उपकरण भी वितरित
FATEHPUR NEWS: कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद फतेहपुर में “ग्रो सेफ फूड – अमानक एवं अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों से सावधान” अभियान 2.0 के अंतर्गत किसान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन कृषि भवन सभागार में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा कृषि उत्पादन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना रहा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित कार्यशाला में जनपद के कृषकों, कृषि विभाग के तकनीकी कार्मिकों, कीटनाशक विक्रेताओं एवं विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा किसानों को फसल सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि अमानक एवं अपंजीकृत कीटनाशकों का प्रयोग न केवल फसलों के लिए हानिकारक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए केवल प्रमाणित एवं पंजीकृत कीटनाशकों का ही उपयोग किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों ने किसानों को कीटनाशी रसायनों के सुरक्षित, संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के बारे में प्रशिक्षण दिया। साथ ही फसल सुरक्षा के लिए जैविक विकल्पों को अपनाने पर भी बल दिया गया। किसानों को बायोपेस्टीसाइड्स (जैविक कीटनाशक) तथा आधुनिक कृषि रक्षा उपकरणों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम हो सके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। कार्यक्रम में कीटनाशक विक्रेताओं को भी निर्धारित मानकों का पालन करने, गुणवत्तायुक्त उत्पाद उपलब्ध कराने तथा किसानों को सही सलाह देने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुरक्षित खाद्य उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए किसानों, विक्रेताओं और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागी कृषकों को कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग हेतु व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) वितरित किए गए। किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें सुरक्षित एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने में सहायक सिद्ध होंगे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही पंजीकृत कीटनाशक खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध या अमानक उत्पाद की सूचना तत्काल विभाग को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।