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विरोधाभासों के बावजूद एक सफल, नैतिक जीवन जिया जा सकता है- सुरेंद्रनाथ शिक्षक नैतिक, वैचारिक रूप से सुदृढ़ बने- अल्पोना डे
प्रातःकाल एक्सप्रेस
प्रयागराज। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर तेलियरगंज ( एमपीवीएम) के सभागार में जीवन के नैतिक मूल्यों, कर्तव्यबोध और आत्मचिंतन की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन आए किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह समझाना था कि आधुनिक जीवन की दुविधाओं के बीच सही मार्ग का चुनाव कैसे किया जाए। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अल्पोना डे, विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता सुरेंद्रनाथ द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया । प्रधानाचार्या अल्पोना डे ने तुलसी का पौधा व उपहार भेंट कर मुख्य अतिथि सुरेंद्रनाथ द्विवेदी का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेंद्रनाथ द्विवेदी ने जीवन के नैतिक मूल्यों, कर्तव्यबोध एवं आत्मचिंतन से जुड़े विभिन्न विषयों पर शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने आधुनिक जीवन की समस्याओं, विरोधाभासों एवं दुविधाओं के बीच सही मार्ग का चुनाव करने तथा नैतिक मूल्यों के अनुरूप जीवन जीने के विषय में मार्गदर्शन प्रदान किया। संवादात्मक सत्र के द्वारा शिक्षकों की विभिन्न शंकाओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान हुआ कि कैसे आधुनिक जीवन के विरोधाभासों के बावजूद एक सफल व नैतिक जीवन जिया जा सकता है। उनके इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी विचारों ने शिक्षकों को नैतिक जीवन जीने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान किया तथा जीवन से जुड़ी अनेक दुविधाओं पर चिंतन करने का अवसर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अल्पोना डे ने शिक्षकों की भूमिका एवं नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों को नैतिक एवं वैचारिक रूप से सुदृढ़ बनने के लिए प्रेरित किया तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में कर्तव्यबोध, नैतिक चेतना एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करना रहा। उपस्थित सभी के लिए यह संपूर्ण व्याख्यान सत्र अत्यंत प्रेरणादायी व उपयोगी रहा। भविष्य में इस प्रकार के ज्ञानवर्धक व्याख्यान के आयोजन निस्संदेह ही शिक्षकों को सही मार्गदर्शन देने में सहायक सिद्ध होंगे।
प्रयागराज। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर तेलियरगंज ( एमपीवीएम) के सभागार में जीवन के नैतिक मूल्यों, कर्तव्यबोध और आत्मचिंतन की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में विशेष व्याख्यान सत्र का आयोजन आए किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह समझाना था कि आधुनिक जीवन की दुविधाओं के बीच सही मार्ग का चुनाव कैसे किया जाए। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अल्पोना डे, विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता सुरेंद्रनाथ द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया । प्रधानाचार्या अल्पोना डे ने तुलसी का पौधा व उपहार भेंट कर मुख्य अतिथि सुरेंद्रनाथ द्विवेदी का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेंद्रनाथ द्विवेदी ने जीवन के नैतिक मूल्यों, कर्तव्यबोध एवं आत्मचिंतन से जुड़े विभिन्न विषयों पर शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने आधुनिक जीवन की समस्याओं, विरोधाभासों एवं दुविधाओं के बीच सही मार्ग का चुनाव करने तथा नैतिक मूल्यों के अनुरूप जीवन जीने के विषय में मार्गदर्शन प्रदान किया। संवादात्मक सत्र के द्वारा शिक्षकों की विभिन्न शंकाओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान हुआ कि कैसे आधुनिक जीवन के विरोधाभासों के बावजूद एक सफल व नैतिक जीवन जिया जा सकता है। उनके इस ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी विचारों ने शिक्षकों को नैतिक जीवन जीने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान किया तथा जीवन से जुड़ी अनेक दुविधाओं पर चिंतन करने का अवसर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अल्पोना डे ने शिक्षकों की भूमिका एवं नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों को नैतिक एवं वैचारिक रूप से सुदृढ़ बनने के लिए प्रेरित किया तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में कर्तव्यबोध, नैतिक चेतना एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करना रहा। उपस्थित सभी के लिए यह संपूर्ण व्याख्यान सत्र अत्यंत प्रेरणादायी व उपयोगी रहा। भविष्य में इस प्रकार के ज्ञानवर्धक व्याख्यान के आयोजन निस्संदेह ही शिक्षकों को सही मार्गदर्शन देने में सहायक सिद्ध होंगे।