’दुर्घटना के बाद हर मिनट अनमोल, समय पर उपचार से बच सकती है
’’लखीमपुर खीरी, 17 अक्टूबर।’’ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में ट्रॉमा मैनेजमेंट पर शैक्षणिक संगोष्ठी आयोजित की गई। प्राध्याचार्या प्रो. डॉ. वाणी गुप्ता ने कहा कि दुर्घटना के बाद का प्रत्येक मिनट अनमोल होता है। समय पर सही उपचार से मरीज की जान बचाने के साथ स्थायी दिव्यांगता से भी बचाया जा सकता है।
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने आघात प्रबंधन, दुर्घटना की रोकथाम, आपातकालीन उपचार और सिर की चोटों के प्रबंधन पर जानकारी दी। डॉ. आरके कोली ने दुर्घटना के बाद पहले 60 मिनट यानी गोल्डन आवर के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. प्रेम राज सिंह ने हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा और यातायात नियमों के पालन पर जोर दिया।
डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने गंभीर रूप से घायल मरीजों के प्रारंभिक मूल्यांकन और त्वरित उपचार की जानकारी दी। वहीं, डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने सिर की चोटों की गंभीरता का आकलन और उपचार की प्राथमिकताओं के बारे में बताया। अंत में उप-प्राध्याचार्या डॉ. राजेश झिंगरन ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संगोष्ठी में चिकित्सक, रेजिडेंट और मेडिकल छात्र-छात्राएं शामिल हुए।