शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन से कामकाज प्रभावित, सुरक्षा को लेकर शासन से गुहार
प्रयागराज, 29 अक्टूबर। शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन और कथित अराजक गतिविधियों को लेकर विभागीय अधिकारियों ने चिंता जताई है। अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश कामता राम पाल ने शासन और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा कार्यालय के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
29 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि 27 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे शिक्षा निदेशालय के मुख्य द्वार के सामने प्रतियोगी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी एवं अराजक तत्वों ने कथित रूप से पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर निदेशालय परिसर में अनधिकृत प्रवेश किया। पत्र के अनुसार, इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्रता तथा गाली-गलौज की गई।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के संबंध में 27 अक्टूबर को थाना सिविल लाइंस, प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कराया गया था। विभाग की ओर से पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था।
कार्यालयी कामकाज बाधित होने का दावा
अपर शिक्षा निदेशक के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किए जाने तथा उन्हें कथित रूप से परेशान किए जाने से कार्यालय में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग अधिकारियों के कक्षों में तोड़फोड़ करने के साथ विभिन्न अनुभागों में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम लेकर उन्हें ढूंढ़ते रहे। इससे सरकारी कार्यों के स्वतंत्र और सुचारु रूप से निष्पादन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
पत्र के मुताबिक, निदेशालय परिसर में अधिकारियों के कार्यालय कक्षों को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतें भी की गई हैं। विभाग ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पुलिस बल तैनात करने की मांग
अपर शिक्षा निदेशक ने जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, प्रयागराज मंडल के आयुक्त तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र की प्रतियां भेजते हुए परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का अनुरोध किया है। साथ ही, धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को निदेशालय परिसर से बाहर निर्धारित स्थल पर भेजने और कार्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि निदेशालय परिसर में लगभग 300 प्रतियोगी अभ्यर्थियों के धरना देने के कारण कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग ने शासन एवं संबंधित अधिकारियों से अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि शांतिपूर्ण वातावरण में शासकीय कार्यों का निष्पादन हो सके।
29 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि 27 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे शिक्षा निदेशालय के मुख्य द्वार के सामने प्रतियोगी अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी एवं अराजक तत्वों ने कथित रूप से पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर निदेशालय परिसर में अनधिकृत प्रवेश किया। पत्र के अनुसार, इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्रता तथा गाली-गलौज की गई।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के संबंध में 27 अक्टूबर को थाना सिविल लाइंस, प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कराया गया था। विभाग की ओर से पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था।
कार्यालयी कामकाज बाधित होने का दावा
अपर शिक्षा निदेशक के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किए जाने तथा उन्हें कथित रूप से परेशान किए जाने से कार्यालय में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग अधिकारियों के कक्षों में तोड़फोड़ करने के साथ विभिन्न अनुभागों में जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम लेकर उन्हें ढूंढ़ते रहे। इससे सरकारी कार्यों के स्वतंत्र और सुचारु रूप से निष्पादन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
पत्र के मुताबिक, निदेशालय परिसर में अधिकारियों के कार्यालय कक्षों को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार की शिकायतें भी की गई हैं। विभाग ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
पुलिस बल तैनात करने की मांग
अपर शिक्षा निदेशक ने जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, प्रयागराज मंडल के आयुक्त तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र की प्रतियां भेजते हुए परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का अनुरोध किया है। साथ ही, धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को निदेशालय परिसर से बाहर निर्धारित स्थल पर भेजने और कार्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि निदेशालय परिसर में लगभग 300 प्रतियोगी अभ्यर्थियों के धरना देने के कारण कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग ने शासन एवं संबंधित अधिकारियों से अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि शांतिपूर्ण वातावरण में शासकीय कार्यों का निष्पादन हो सके।