समानुभूति से ही साकार होगा अंत्योदय का संकल्प : कश्मीरी लाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ‘विकास चेतना पर्व एवं सम्मान समारोह 2026’, अभय महाजन को सेवा सम्मा

झाँसी। पं. दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय एवं स्वदेशी जागरण मंच, कानपुर प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर गांधी सभागार में ‘विकास चेतना पर्व एवं सम्मान समारोह 2026’ आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समझने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा के प्रति संकल्पित होना होगा। केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि समानुभूति के भाव से ही अंत्योदय का संकल्प साकार हो सकता है। उन्होंने विकेंद्रीकरण और स्वदेशी को भारत को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण मंत्र बताया।
समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की। इस अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान, चित्रकूट के संगठन सचिव अभय महाजन को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कश्मीरी लाल ने युवाओं से दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से प्रेरणा लेने तथा स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अभय महाजन ने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय और भारत रत्न नानाजी देशमुख के विचारों एवं कार्यों का सम्मान है। उन्होंने जनता की सहभागिता, उद्यमिता और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया।
कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का दर्शन मनुष्य के समग्र विकास और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को केवल देश में बने उत्पाद तक सीमित न रखते हुए नई सोच, संस्कृति और राष्ट्र को सशक्त बनाने वाले विचारों से जोड़कर समझना चाहिए।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मुन्ना तिवारी ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया। अंत में उपस्थित लोगों ने स्वदेशी जागरण के लिए शपथ ली। आभार सुदीप खरे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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