सामाजिक न्याय और हिस्सेदारी को लेकर गूंजा ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ - आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा 24 सूत्रीय मांगपत्र

फतेहपुर। दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और महिलाओं के सामाजिक न्याय, समान अवसर तथा शासन-प्रशासन में प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी के संयुक्त तत्वावधान में ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ आयोजित किया गया। आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम 24 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है, लेकिन संगठन के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, राजनीति, न्यायपालिका तथा निर्णय लेने वाली संस्थाओं में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण को ऐतिहासिक सामाजिक भेदभाव और वंचना को दूर करने का संवैधानिक माध्यम बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित बैकलॉग पदों को भरने की मांग उठाई। ज्ञापन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 के तहत महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग के साथ दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए ‘कोटे के अंदर कोटा’ लागू करने की मांग की गई। स्थानीय निकायों में भी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा और विधान परिषदों में वंचित वर्गों का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। संगठन ने उच्च न्यायपालिका में कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर उच्च न्यायिक आयोग के गठन तथा जातीय जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल कर वैज्ञानिक एवं सटीक आंकड़े जुटाने की मांग भी की। रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर ज्ञापन में सरकारी सेवाओं में आउटसोर्सिंग समाप्त करने, सभी रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियां करने और बैकलॉग के पदों को तत्काल भरने की मांग की गई। इसके अलावा समूह ‘क’ की भर्तियों में लेटरल एंट्री बंद करने तथा सरकारी खरीद, ठेकों और निजी क्षेत्र के प्रबंधन एवं नेतृत्व पदों में एससी, एसटी और ओबीसी को प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई गई। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति से संविधान की मूल भावना के अनुरूप वंचित वर्गों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की।
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