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स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीएम
प्रातःकाल एक्सप्रेस
सिद्धार्थनगर। लोहिया कला भवन सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति, विद्यालय प्रबंधकों व रूट मैनेजरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश मोटर यान (26वां संशोधन) नियमावली, 2019 के नियम 222-छ के तहत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन कराने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति का अनिवार्य गठन हो और स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, स्पीड गवर्नर तथा वैध ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच की जाए। साथ ही चालकों के पुलिस सत्यापन, दृष्टि परीक्षण तथा बसों में महिला परिचालक की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नियमों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों व वाहनों पर कड़ी विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बसों में सीसीटीवी कैमरा स्थापित होना चाहिए और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर वाहन सीज किए जाएंगे। एआरटीओ ने तकनीकी मानकों पर बल देते हुए कहा कि बिना वैध फिटनेस, इंश्योरेंस, स्पीड गवर्नर और एक्टिव जीपीएस के स्कूली वाहनों का संचालन नहीं होगा। इसके लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
शिक्षा व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इंटर कॉलेजों व मदरसों में समिति गठन कर सूची कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए। विद्यालय स्तर पर गठित इस समिति की बैठकें जुलाई, अक्टूबर, जनवरी और अप्रैल में आयोजित की जाएंगी। बैठक में डीआईओएस, बीएसए, एआरटीओ, समस्त बीईओ, थानाध्यक्ष व प्रबंधक मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर। लोहिया कला भवन सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति, विद्यालय प्रबंधकों व रूट मैनेजरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश मोटर यान (26वां संशोधन) नियमावली, 2019 के नियम 222-छ के तहत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन कराने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समिति का अनिवार्य गठन हो और स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, स्पीड गवर्नर तथा वैध ड्राइविंग लाइसेंस की नियमित जांच की जाए। साथ ही चालकों के पुलिस सत्यापन, दृष्टि परीक्षण तथा बसों में महिला परिचालक की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नियमों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों व वाहनों पर कड़ी विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बसों में सीसीटीवी कैमरा स्थापित होना चाहिए और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर वाहन सीज किए जाएंगे। एआरटीओ ने तकनीकी मानकों पर बल देते हुए कहा कि बिना वैध फिटनेस, इंश्योरेंस, स्पीड गवर्नर और एक्टिव जीपीएस के स्कूली वाहनों का संचालन नहीं होगा। इसके लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
शिक्षा व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इंटर कॉलेजों व मदरसों में समिति गठन कर सूची कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए। विद्यालय स्तर पर गठित इस समिति की बैठकें जुलाई, अक्टूबर, जनवरी और अप्रैल में आयोजित की जाएंगी। बैठक में डीआईओएस, बीएसए, एआरटीओ, समस्त बीईओ, थानाध्यक्ष व प्रबंधक मौजूद रहे।