सीएमएस ने समस्या सुनने के बजाय मरीज को दूसरे कमरे में दिखने की कही बात व्यवस्थाओं पर उठेसवाल ओपीडी में एक डॉक्टर के सहारे रामाधीन 50 शैय्या अस्पताल, मरीज परेशान
बकेवर इटावा। स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक और मामला सामने आया है। बकेवर स्थित रामाधीन 50 शैय्या अस्पताल वर्तमान में भगवान भरोसे चल रहा है, जहां भारी लापरवाही और डॉक्टरों की भारी कमी देखने को मिल रही है। अस्पताल की ओपीडी में मात्र एक ही डॉक्टर के बैठने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में व्याप्त व्यवस्थाओं का जायजा लेने और स्थिति की सच्चाई जानने के लिए जब एक स्थानीय पत्रकार ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) से संपर्क किया, तो उनकी तरफ से गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया। सीएमएस ने समस्या सुनने के बजाय केवल इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि "मरीज को दो नंबर कमरे में दिखाओ, मैं मीटिंग में व्यस्त हूं।" जिम्मेदार अधिकारियों के इस तरह के रवैये से स्थानीय लोगों और मरीजों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों और तीमारदारों का कहना है कि जब अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं मिलेंगे और अधिकारी बात सुनने से इनकार करेंगे, तो गरीब मरीजों को इलाज के लिए मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा। जनता ने उच्चाधिकारियों से इस मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।