रंग मिला जूस बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएम खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश, नकली दवाओं की बिक्री पर भी होगी कार्रवाई
झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में जूस सेंटरों पर रंग मिलाकर असुरक्षित जूस बेचने की शिकायतों को देखते हुए अभियान चलाकर जांच की जाए। कटे-फटे व सड़े-गले फल-सब्जियों तथा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने रेहड़ी-पटरी के दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और जागरूकता के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्कूलों के मिड-डे मील, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों, हॉस्टलों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा जननी सुरक्षा योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच करने को कहा। असुरक्षित खाद्य नमूने पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
औषधि निरीक्षक राहुल ने बताया कि जनपद में 17 मेडिकल दुकानों की जांच कर नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 10 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। एक मेडिकल स्टोर में नकली दवा मिलने के मामले में कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों के आसपास संचालित मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
सहायक आयुक्त खाद्य एवं अभिहित अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि एक जुलाई से 30 सितंबर तक 2,380 खाद्य नमूनों की जांच की गई। इस दौरान 77 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 28,318 लोगों और 76 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए 1,982 खाद्य कारोबारियों को जागरूक किया गया। खाद्य सुरक्षा मोबाइल लैब वैन से भी जांच और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, क्षेत्राधिकारी रामवीर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रती वर्मा, डीएसओ सौम्या अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मौजूद रहे।