National
परवेज अली हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार ड्रग्स की वीडियो बनाकर अवैध वसूली की थी साजिश, पुलिसकर्मी भी निकला वारदात में शामिल
प्रातःकाल एक्सप्रेस
झांसी। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नगरा हाट मैदान में 13 सितंबर की रात हुई परवेज अली की हत्या के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक वारदात का उद्देश्य परवेज की हत्या करना नहीं, बल्कि उसे डराकर अवैध वसूली करना था। मामले में प्रेमनगर थाने में तैनात एक सिपाही की संलिप्तता भी सामने आई है। घटना के चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।
एसएसपी विकास कुमार ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि 13 सितंबर की रात नगरा हाट मैदान में एक युवक गंभीर हालत में पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहर के पास रहने वाले परवेज अली के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर मारपीट के गंभीर निशान मिले थे।
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और घटनास्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि घटना वाली रात परवेज अपने एक मित्र के घर पहुंचा था। रात करीब नौ बजे उसके मोबाइल पर साहिल का फोन आया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद परवेज अपने मित्र की बाइक से सुकवा-धुकवा कॉलोनी के बाहर पहुंचा, जहां साहिल की गाड़ी में कुछ लोग पहले से मौजूद थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने परवेज को ड्रग्स से जुड़ा सैंपल दिखाने और लेने के बहाने बुलाया था। इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे नगरा हाट मैदान में ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार जमीन पर गिरने से भी उसके सिर में गंभीर चोट आई थी।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने चारस मंडी निवासी प्रियंश, जुगियाना निवासी जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, बंगला घाट निवासी भूपेंद्र रायकर, लक्ष्मीपुरम कॉलोनी निवासी यश शिवहरे तथा शनि नामदेव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। इस दौरान प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह, निवासी जिला बांदा, की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस ने सिपाही समेत सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी ने बताया कि मामले में चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस जांच में उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार परवेज पहले जम्मू-कश्मीर में ड्रग सप्लाई के आरोप में जेल जा चुका था और इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पुलिस को परवेज के शरीर पर दांत से काटने के निशान भी मिले हैं। इन निशानों से संबंधित सैंपल को एफएसएल जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी प्रेमनगर थाना पुलिस द्वारा की गई है।
झांसी। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नगरा हाट मैदान में 13 सितंबर की रात हुई परवेज अली की हत्या के मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक वारदात का उद्देश्य परवेज की हत्या करना नहीं, बल्कि उसे डराकर अवैध वसूली करना था। मामले में प्रेमनगर थाने में तैनात एक सिपाही की संलिप्तता भी सामने आई है। घटना के चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।
एसएसपी विकास कुमार ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में बताया कि 13 सितंबर की रात नगरा हाट मैदान में एक युवक गंभीर हालत में पड़ा मिला था। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नहर के पास रहने वाले परवेज अली के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में उसके शरीर पर मारपीट के गंभीर निशान मिले थे।
पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और घटनास्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि घटना वाली रात परवेज अपने एक मित्र के घर पहुंचा था। रात करीब नौ बजे उसके मोबाइल पर साहिल का फोन आया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद परवेज अपने मित्र की बाइक से सुकवा-धुकवा कॉलोनी के बाहर पहुंचा, जहां साहिल की गाड़ी में कुछ लोग पहले से मौजूद थे।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने परवेज को ड्रग्स से जुड़ा सैंपल दिखाने और लेने के बहाने बुलाया था। इसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे नगरा हाट मैदान में ले जाकर फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार जमीन पर गिरने से भी उसके सिर में गंभीर चोट आई थी।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने चारस मंडी निवासी प्रियंश, जुगियाना निवासी जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, बंगला घाट निवासी भूपेंद्र रायकर, लक्ष्मीपुरम कॉलोनी निवासी यश शिवहरे तथा शनि नामदेव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की। इस दौरान प्रेमनगर थाने में तैनात सिपाही आशीष सिंह, निवासी जिला बांदा, की संलिप्तता भी सामने आई। पुलिस ने सिपाही समेत सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
एसएसपी ने बताया कि मामले में चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस जांच में उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार परवेज पहले जम्मू-कश्मीर में ड्रग सप्लाई के आरोप में जेल जा चुका था और इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पुलिस को परवेज के शरीर पर दांत से काटने के निशान भी मिले हैं। इन निशानों से संबंधित सैंपल को एफएसएल जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी प्रेमनगर थाना पुलिस द्वारा की गई है।