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परसिद्धपुर-ऐरई मार्ग बदहाल, कीचड़ और दलदल से आवागमन मुश्किल
धाता/फतेहपुर। परसिद्धपुर से ऐरई तक जाने वाली पक्की सड़क इन दिनों पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क से गिट्टी और डामर का नामोनिशान मिट गया है। बारिश के कारण जगह-जगह पानी, कीचड़ और दलदल होने से राहगीरों व वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह मार्ग यमुना तटवर्ती गांव सेमरी, ऐरई, तुलसीपुर, मखौवा, रानीपुर, दामपुर समेत कई गांवों के लोगों के लिए प्रमुख आवागमन का रास्ता है। इसी मार्ग से ग्रामीण कौशाम्बी, राजापुर और चित्रकूट सहित अन्य स्थानों पर आते-जाते हैं। धाता ब्लॉक, बैंक, अस्पताल और बाजार पहुंचने के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। ऐरई में राजकीय हाईस्कूल संचालित है। बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों और दलदल से होकर विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में मुश्किल होती है। वहीं एंबुलेंस को भी खराब सड़क के कारण कई बार दूसरे रास्तों से घूमकर जाना पड़ता है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने में दिक्कत की आशंका बनी रहती है। परसिद्धपुर गांव में करीब एक माह बाद प्रतिवर्ष चैकी कार्यक्रम का आयोजन होता है। इसमें प्रतियोगिताओं के साथ आकर्षक झांकियां निकाली जाती हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दराज से भी लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की बदहाल स्थिति कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी हालत लगातार खराब होती गई। अब बारिश में पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है, जबकि चारपहिया वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। क्षेत्र के ज्ञान सिंह, रावेन्द्र सिंह, ननकान, नंदलाल, मिश्रीलाल और चंद्रभूषण मिश्र समेत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है। अवर अभियंता रामलखन ने बताया कि सड़क अब रिपेयर लायक नहीं बची है। पूरी सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
यह मार्ग यमुना तटवर्ती गांव सेमरी, ऐरई, तुलसीपुर, मखौवा, रानीपुर, दामपुर समेत कई गांवों के लोगों के लिए प्रमुख आवागमन का रास्ता है। इसी मार्ग से ग्रामीण कौशाम्बी, राजापुर और चित्रकूट सहित अन्य स्थानों पर आते-जाते हैं। धाता ब्लॉक, बैंक, अस्पताल और बाजार पहुंचने के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। ऐरई में राजकीय हाईस्कूल संचालित है। बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों और दलदल से होकर विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में मुश्किल होती है। वहीं एंबुलेंस को भी खराब सड़क के कारण कई बार दूसरे रास्तों से घूमकर जाना पड़ता है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने में दिक्कत की आशंका बनी रहती है। परसिद्धपुर गांव में करीब एक माह बाद प्रतिवर्ष चैकी कार्यक्रम का आयोजन होता है। इसमें प्रतियोगिताओं के साथ आकर्षक झांकियां निकाली जाती हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दराज से भी लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क की बदहाल स्थिति कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी हालत लगातार खराब होती गई। अब बारिश में पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है, जबकि चारपहिया वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। क्षेत्र के ज्ञान सिंह, रावेन्द्र सिंह, ननकान, नंदलाल, मिश्रीलाल और चंद्रभूषण मिश्र समेत ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है। अवर अभियंता रामलखन ने बताया कि सड़क अब रिपेयर लायक नहीं बची है। पूरी सड़क का निर्माण कराया जाएगा।