पौराणिक परंपराएं जीवित रहें, समाज में पुनर्जागृत हो सकें रू महंत चन्द्रदेव सच्चा बाबा आश्रम में अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु का हुआ पूजन-अर्चन महंत ने संस्कृति संरक्षण का सनातनियों ने दिया संदेश

प्रयागराज। सच्चा बाबा आश्रम अरैल, नैनी में अनंत चतुर्दशी पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ धूमधाम से आज संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर आश्रम परिसर में भगवान श्री हरि विष्णु के अनंत स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालुओं एवं भक्तो ने विधि - विधान से पूजन कर रक्षा एवं सुख-समृद्धि का प्रतीक 14 गांठों वाला श्अनंत सूत्रश् (अनंत धागा) अपनी दाहिनी भुजा पर धारण किया। कथा वाचन के साथ भगवान अनंतदेव से विश्व कल्याण एवं शांति की प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर सच्चा बाबा आश्रम के महंत स्वामी चन्द्रदेव महराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति की यह अनमोल परंपराएं और धार्मिक अनुष्ठान आधुनिकता के दौर में धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर पहुँच रहे हैं। हमारी भावी पीढ़ी को सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों, संस्कारों और पर्वों के वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्त्व से जोड़ना आज अत्यंत आवश्यक है।
सच्चा बाबा आश्रम के महंत स्वामी चन्द्रदेव महराज ने कहा कि सच्चा बाबा आश्रम लगातार ऐसे धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन इसीलिए कर रहा है ताकि हमारी पौराणिक परंपराएं जीवित रहें और समाज में पुनर्जागृत हो सकें।ष्समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे ऐसे आयोजनों और सांस्कृतिक धरोहरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, जिससे विलुप्त होती इन प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित किया जा सके। तत्पश्चात सभी ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। पूजन गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य श्रीकृष्ण त्रिपाठी एवं आचार्य योगेन्द्र ने किया। पूजन अंतराष्ट्रीय आचार्य डॉ गंगाधर ने कराया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अध्यक्ष स्वामी श्री दिव्यानंद महाराज, मंत्री श्री प्रवेश ब्रह्मचारी महाराज, श्री सौरभ ब्रह्मचारी, श्री अमित ब्रह्मचारी, आचार्य अम्बेश जी, आचार्य राघव, आचार्य वेदप्रकाश आदि लोग उपस्थित रहे।
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